
New Delhi, 18 जुलाई . केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने Saturday को कहा कि India नवाचार और कारोबार के लिए दुनिया के सबसे पसंदीदा देशों में शामिल हो गया है. उन्होंने युवा उद्यमियों से उभरते अवसरों का लाभ उठाकर India से ही वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी कारोबार खड़ा करने का आह्वान किया.
तमिलनाडु के मदुरै में आयोजित वाईआईएफआई एंटरप्रेन्योरशिप समिट 2026 के विशेष पूर्ण सत्र को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि आज India में स्थिर नीतियां, नियामकीय स्पष्टता और विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध है, जो इसे स्टार्टअप्स और कारोबार के लिए बेहद आकर्षक बनाता है.
उन्होंने कहा, “India आज नवाचार और कारोबार के लिए सबसे उपयुक्त स्थान है. यहां स्थिर Government, नीतिगत स्पष्टता, अनुमानित टैक्स व्यवस्था और जवाबदेह व सहज Government का मजबूत समर्थन उपलब्ध है.”
वित्त मंत्री ने कहा कि Prime Minister Narendra Modi के नेतृत्व में Government द्वारा किए गए सुधारों ने कारोबार के प्रति Government की भूमिका को पूरी तरह बदल दिया है. अब Government कारोबार को नियंत्रित करने वाली नहीं, बल्कि उसे आगे बढ़ाने और सहयोग देने वाली बन गई है.
उन्होंने कहा, “Prime Minister Narendra Modi के नेतृत्व में Government की भूमिका कारोबार को नियंत्रित करने वाली से बदलकर कारोबार को बढ़ावा देने वाली बन गई है.”
उन्होंने आगे कहा, “औपचारिक अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने, डिजिटलीकरण, नियामकीय सुधारों, GST और इंफ्रास्ट्रक्चर व कनेक्टिविटी में बड़े निवेश के जरिए हमने ऐसा इकोसिस्टम तैयार किया है, जहां कारोबार आसानी से शुरू हो सकता है, तेजी से बढ़ सकता है और पूरे विश्वास के साथ प्रतिस्पर्धा कर सकता है.”
निर्मला सीतारमण ने उद्योग जगत से अपील की कि वे सनराइज सेक्टर्स में उभर रहे अवसरों का पूरा लाभ उठाएं और तकनीक व नवाचार को अपनाकर नए विकास की संभावनाएं तलाशें.
उन्होंने कहा, “कारोबारों को आगे आकर सनराइज सेक्टर्स में मिल रहे अवसरों का लाभ उठाना चाहिए और तकनीक व नवाचार का अधिकतम उपयोग करना चाहिए.”
युवा उद्यमियों से बड़े सपने देखने का आह्वान करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि उन्हें “बड़े लक्ष्य के साथ निर्माण करना चाहिए, जिम्मेदारी के साथ निर्माण करना चाहिए, India के लिए निर्माण करना चाहिए, दुनिया के लिए निर्माण करना चाहिए और सबसे बढ़कर आने वाली पीढ़ियों के लिए निर्माण करना चाहिए.”
Union Minister ने कहा कि आज की दुनिया में सबसे बड़ी सीमाएं अब भौगोलिक नहीं रह गई हैं. तकनीक ने दुनिया के बाजारों तक लगभग हर जगह से पहुंच आसान बना दी है, जबकि पूंजी भी अब बेहतर विचारों और संभावनाओं की तलाश में सीमाओं के पार तेजी से प्रवाहित हो रही है.
–
डीबीपी
Skip to content