सरकार जनजातीय संस्कृति के संरक्षण और विकास के लिए प्रतिबद्ध: सीएम मोहन यादव

Bhopal , 23 जून . Chief Minister मोहन यादव ने Bhopal के निकट ग्राम अचारपुरा में पांच दिवसीय शिल्पकार महोत्सव के समापन समारोह को संबोधित किया. इस दौरान उन्‍होंने कहा कि जनजातीय संस्कृति के संरक्षण के साथ जनजातीय समाज के विकास और समाज की समस्याओं के समाधान के लिए राज्य Government कार्य कर रही है.

सिकल सेल एनीमिया नियंत्रण का कार्य वर्ष 2022 से प्रारंभ हुआ है. इसके अच्छे परिणाम मिले हैं.

उन्‍होंने कहा कि कई पीढ़ियां प्रभावित करने वाली बीमारी सिकल सेल एनीमिया की स्क्रीनिंग नियंत्रण और उपचार की दिशा में राज्य Government कार्य कर रही है. इस क्षेत्र में प्रदेश अग्रणी है. जनजातीय नायकों के सम्मान में प्रदेश में तीन विश्वविद्यालय प्रारंभ किए गए हैं. सतपुड़ा क्षेत्र में राजा भभूत सिंह, राजा शंकर शाह, रघुनाथ शाह और रानी दुर्गावती की स्मृति में विभिन्न आयोजन किए गए हैं.

सीएम ने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन और जनजातीय कार्य विभाग के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित महोत्सव में जनजातीय कलाकारों द्वारा तैयार शिल्प कृतियों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया और इन कलाकृतियों को पारंपरिक शैली में आधुनिकता के साथ पेश करने के प्रयासों की सराहना की. उन्‍होंने कलाकारों से आत्मीयता के साथ चर्चा भी की.

सीएम ने कहा कि जनजातीय शिल्पकारों को प्रोत्साहित करने के लिए अधिक से अधिक प्रयास किए जा रहे हैं. जनजातीय शिल्प का डंका देश-विदेश में बज रहा है.

उन्‍होंने Prime Minister Narendra Modi के विरासत से विकास के अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि पूरे देश में लोक संस्कृति को बढ़ावा देते हुए प्रगति के कदम उठाए जा रहे हैं.

Chief Minister यादव ने कहा कि President द्रौपदी मुर्मु गत सप्ताह Madhya Pradesh भ्रमण पर रहीं और विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लिया, जो प्रदेश के लिए गर्व का विषय है.

उन्‍होंने कहा कि 24 जून को वीरांगना रानी दुर्गावती का बलिदान दिवस है. रानी दुर्गावती ने गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत को नई ऊंचाइयां प्रदान की. दुनिया ने उनकी वीरता, शौर्य और पराक्रम को देखा. रानी दुर्गावती ने गौंडवाना क्षेत्र के स्वाभिमान की रक्षा के लिए तत्कालीन मुगल सत्ता के विरुद्ध अनेकों युद्धों में विजय प्राप्त की. उन्होंने राष्ट्र गौरव के लिये संघर्ष करते हुए प्राणों की आहूति दे दी. आज हम रानी कमलापति के पराक्रम के क्षेत्र Bhopal में वीरांगना रानी दुर्गावती के शौर्य को नमन कर रहे हैं. Chief Minister डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश अनेक जनजातीय वीरों की धरती है.

Chief Minister डॉ. यादव ने कहा कि आदिरंग शिल्पकार महोत्सव में जनजातीय कलाकारों ने प्रकृति के माध्यम से हमारे जीवन में उत्सव के रंग भरने का प्रयास किया है. एनआईडी ने जनजातीय परंपरागत कला को नए आयाम पर पहुंचाया है. कला-संस्कृति के माध्यम से कई लोगों के जीवन में आर्थिक समृद्धि का सूर्य उदय होगा. राज्य Government इसके लिए प्रतिबद्ध है. Prime Minister श्री मोदी के नेतृत्व में India चहुंमुखी विकास कर रहा है.

जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह ने कहा कि नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ डिजाइन के साथ संयुक्त तत्वावधान में मनाये जा रहे इस आदिरंग शिल्पकार महोत्सव में जनजातीय समाज की प्रतिभा को देखने का अवसर मिला है. एनआईडी के समन्वय से Madhya Pradesh की परंपरागत शिल्प को अब राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल रही है. जनजातीय कार्य विभाग के प्रयासों से जनजातीय कलाकारों को प्रोत्साहन भी मिल रहा है. राज्य Government प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए संकल्पित है. Chief Minister डॉ. यादव के नेतृत्व में इस दिशा में बेहतर कार्य किये जा रहे हैं.

राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान (एनआईडी) की निदेशक डॉ. विद्या राकेश ने कहा कि आदिरंग सिर्फ एक शिल्पकार महोत्सव नहीं, बल्कि डिजाइन, कल्चर, कम्युनिटी और एम्पॉवरमेंट को जोड़ने का एक प्रयास है. गत कुछ वर्षों में एनआईडी ने मध्यप्रदेश जनजातीय कार्य विभाग के साथ मिलकर बैगा, गौंड, भील और अन्य जनजातीय समाज के बीच डिजाइन डेवलपमेंट कार्यशालाएं आयोजित की हैं. इनके माध्यम से शिल्पकारों को डिजाइन अवेयरनेस, प्रोडक्ट डेवलपमेंट, ब्रांडिग, पैकेजिंग और मार्केटिंग जैसे विषयों से परिचित करवाया गया है ताकि उनकी कला को वर्तमान बाजार की जरूरतों के हिसाब से लिंक किया जा सके.

एनआईडी ने जनजातीय समुदायों की संस्कृति का दस्तावेजीकरण भी किया है. यह उनकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. इससे रोजगार के साथ-साथ सांस्कृतिक विकास के नए अवसर भी विकसित होते हैं. एनआईडी जनजातीय समाज को वोकल फॉर लोकल से जोड़कर राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका निभा रहा है.

एएसएच/डीकेपी