सरकार ने सीजेपी की दो मांगों पर जताई सहमति, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर मांगा समय

New Delhi, 24 जुलाई . कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में Friday को Union Minister जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह की कॉकरोच जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास और राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका के साथ बैठक हुई.

बैठक के बाद आशुतोष रांका और सौरव दास ने मीडिया से बातचीत में कहा कि मंत्रियों के साथ करीब 10 मिनट तक बैठक हुई. हमने Government के सामने तीन मांगें रखीं. पीड़ितों के परिजनों को एक करोड़ मुआवजा, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और छात्रों पर दर्ज किए गए केस को वापस लिया जाए.

आशुतोष रांका ने कहा, “धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे या कैबिनेट से बर्खास्तगी के बिना कुछ भी हमें मंजूर नहीं होगा. Government ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की हमारी मांग पर Saturday दोपहर तक का समय मांगा है. हमने Government को बता दिया है कि पूरे देश में प्रदर्शन हो रहे हैं. अगर जल्द ही धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा या बर्खास्तगी नहीं हुई तो आंदोलन और तेज होगा. इसके साथ ही काकरोच जनता पार्टी राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन का आह्वान करेगी. हमें उम्मीद है कि Government धर्मेंद्र प्रधान को जल्द से जल्द हटाएगी.

आशुतोष रांका ने कहा कि Government ने नीट पेपर लीक के चलते आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को एक करोड़ मुआवजा देने, प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर दर्ज First Information Report और कानूनी मामलों को वापस लेने की दो मांगों पर सैद्धांतिक मंजूरी दी है. Government के प्रतिनिधियों से Saturday को भी हमारी बैठक होगी.”

गौरतलब है कि Union Minister जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने Thursday देर रात गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से मुलाकात की. केंद्रीय मंत्रियों ने लिखित आश्वासन दिया. इसके बाद वांगचुक ने Union Minister जे.पी. नड्डा और जितेंद्र सिंह, लेह-लद्दाख की एपेक्स बॉडी के वरिष्ठ नेताओं, डॉक्टरों और परिवार के सदस्यों की मौजूदगी में अपना अनशन तोड़ दिया.

वहीं, Friday को जारी सोनम वांगचुक ने वीडियो संदेश में कहा, ” Union Minister जे.पी. नड्डा, डॉ. जितेंद्र सिंह और लेह-लद्दाख की शीर्ष संस्था के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में मैंने आखिरकार 26 दिनों बाद अपना अनशन तोड़ा है. इससे पहले, अलग-अलग Political दलों के 65 सांसदों ने मुझसे मिलकर या पत्र लिखकर अनशन तोड़ने का आग्रह किया और संसद में नीट पेपर और परीक्षाओं की प्रणाली पर चर्चा करने का आश्वासन दिया.”

सोनम वांगचुक ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नीट पेपर लीक को लेकर जंतर-मंतर पर जारी आंदोलन के समर्थन में 28 जून को अनशन शुरू किया था. इसी बीच तबीयत खराब होने के बाद सोनम को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था. इसके बाद दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर सोनम वांगचुक को मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था.

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