गूगल ने एआई मॉडल में किए बड़े बदलाव, बार्ड का नाम बदलकर किया जेमिनी – indias.news

नई दिल्ली, 4 फरवरी . गूगल अपने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) मॉडल में कुछ बड़े बदलावों की योजना बना रहा है, जिसमें कथित तौर पर बार्ड का नाम बदलकर जेमिनी करना भी शामिल है.

एंड्रॉइड ऐप डेवलपर डायलन रूसेल ने स्पष्ट रूप से एक कंपनी चेंज-लॉग लीक किया है जिसमें कहा गया है कि “बार्ड अब जेमिनी है”, जो ओपनएआई के जीपीटी -4 के साथ प्रतिस्पर्धा करने वाला नया मॉडल है.

चेंज-लॉग में लिखा, ”बार्ड अब जेमिनी है. जेमिनी गूगल एआई तक डायरेक्ट एक्सेस पाने का सबसे अच्छा तरीका है. वे सभी सहयोगी क्षमताएं जिन्हें आप जानते हैं और पसंद करते हैं, अभी भी मौजूद हैं और जेमिनी समय के साथ बेहतर होता जाएगा.”

हालांकि, कंपनी ने बार्ड का नाम बदलकर जेमिनी करने पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की.

डॉक्यूमेंट के अनुसार, “हमने विजुअल डिस्ट्रेक्शन को कम करने, लेजिबिलिटी में सुधार करने और नेविगेशन को सरल बनाने के लिए यूआरएल भी विकसित किया है.”

लॉग में कहा गया है कि गूगल जेमिनी के साथ वॉयस चैट की शुरुआत करेगा, साथ ही ‘जेमिनी एडवांस्ड’ के साथ एक नया ‘अल्ट्रा 1.0’ मॉडल भी लॉन्च करेगा, जो एक पेड प्लान है और यह चैटजीपीटी प्लस जैसी फाइल अपलोडिंग फीचर्स प्रदान करता है.

गूगल डॉक्यूमेंट्स के मुताबिक, ”जेमिनी एडवांस्ड आपको हमारे सबसे सक्षम एएल मॉडल, अल्ट्रा 1.0 तक एक्सेस प्रदान करता है. हमारे अल्ट्रा 1.0 मॉडल के साथ, जेमिनी एडवांस्ड कोडिंग, लॉजिकल रीजनिंग, इंस्ट्रक्शन और क्रिएटिव कोलैबोरेशन जैसे अत्यधिक जटिल कार्यों में कहीं अधिक सक्षम है.”

जेमिनी एडवांस्ड आने वाले महीनों में नए और एक्सक्लूसिव फीचर्स के साथ विस्तार करना जारी रखेगा, जिसमें विस्तारित मल्टी-मॉडल क्षमताएं, यहां तक ​​कि बेहतर कोडिंग फीचर्स, साथ ही फाइल्स, डॉक्यूमेंट्स, डेटा और अधिक अपलोड करने और गहराई से एनालिस्ट करने की क्षमता शामिल है.

जेमिनी एडवांस्ड पेड प्लान है जो 150 से ज्यादा देशों और क्षेत्रों में उपलब्ध है. जेमिनी ऐप जल्द ही आ रहा है, जिसकी शुरुआत अंग्रेजी से होगी.

गूगल, जिसने पिछले दिसंबर में जेमिनी प्रो को अपने एआई चैटबॉट बार्ड में अंग्रेजी में लाया था, अब इसे नौ भारतीय भाषाओं सहित 40 से ज्यादा भाषाओं में 230 से अधिक देशों और क्षेत्रों में उपलब्ध कराया है.

नौ भारतीय भाषाओं में हिंदी, तमिल, तेलुगु, बंगाली, कन्नड़, मलयालम, मराठी, गुजराती और उर्दू शामिल हैं.

पीके/