
तिरुपति, 2 जुलाई . आंध्र प्रदेश के तिरुपति जिले के मुक्कावरिपल्ली गांव से ‘विकसित भारत– जी राम जी योजना’ का Thursday को राष्ट्रीय शुभारंभ हुआ, जहां केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान, आंध्र प्रदेश के Chief Minister चंद्रबाबू नायडू, उप Chief Minister पवन कल्याण, केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी और कमलेश पासवान तथा सांसद‑विधायक और हजारों की संख्या में जनसमुदाय उपस्थित रहे. इस कार्यक्रम में Prime Minister Narendra Modi के नेतृत्व में देशभर के गरीब मजदूरों, किसानों और गांवों के लिए रोजगार की गारंटी, ग्राम विकास के लिए बड़े वित्तीय आवंटन और पारदर्शी व्यवस्था के साथ एक नया मॉडल पेश किया गया.
Union Minister शिवराज सिंह चौहान ने अपना संबोधन ‘नमः वेंकटेश्वराय’ और ‘गोविंदा, गोविंदा’ के जयकारों के साथ शुरू करते हुए कहा कि इस पावन धरती से विकसित India जी‑राम जी योजना लागू होना गरीबों और मजदूरों के लिए भगवान की कृपा की वर्षा जैसा है. उन्होंने प्रार्थना की कि देश में कोई भी गरीब मजदूर बिना काम के न रहे, हर हाथ को काम और हर पेट को रोटी मिले. इसी संकल्प को जमीन पर उतारने के लिए उन्होंने Prime Minister Narendra Modi को हृदय से धन्यवाद दिया.
शिवराज सिंह चौहान ने याद दिलाया कि यूपीए Government के समय शुरू हुई मनरेगा में सिर्फ 100 दिन रोजगार की गारंटी दी जाती थी. उन्होंने कहा कि आज Prime Minister मोदी की नई रणनीति के तहत विकसित भारत-जी राम जी योजना में मजदूरों के लिए पूरे 125 दिन तक काम की पक्की गारंटी दी जा रही है. उन्होंने कहा कि यह सिर्फ दिनों की बढ़ोतरी नहीं, बल्कि सोच में बदलाव है, अब लक्ष्य यह है कि कोई हाथ खाली न रहे. उन्होंने गर्व के साथ बताया कि नई योजना के लागू होते ही पहले दिन ही देशभर में लाखों मजदूरों को काम मिला है और मनरेगा को बेहतर स्वरूप में बदलकर वीबी-जी राम जी के रूप में लागू किया जा रहा है.
Union Minister चौहान ने योजना के वित्तीय पक्ष पर विस्तार से बात करते हुए कहा कि विकसित भारत-जी राम जी योजना के पहले ही वर्ष में केंद्र Government की हिस्सेदारी 95,000 करोड़ रुपए से अधिक रहेगी और राज्यों की 40 प्रतिशत हिस्सेदारी जोड़कर यह वार्षिक व्यय 1.51 लाख करोड़ रुपए के आसपास पहुंचता है. शिवराज सिंह ने बताया कि अगले 5 साल में इस योजना के तहत कुल 7.5 लाख करोड़ रु. खर्च करने का लक्ष्य रखा गया है. यह धन देश की 2.86 लाख पंचायतों तक पहुंचकर हर पंचायत को प्रति वर्ष औसतन 2 करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि देगा जिससे गांवों में रोजगार भी बढ़ेगा और स्थायी परिसंपत्तियां भी बनेंगी.
Union Minister शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि विकसित भारत- जी राम जी योजना में मजदूरों के अधिकारों को कानूनी ताकत दी गई है. किसी भी मजदूर द्वारा काम मांगने पर 15 दिन के भीतर उसे रोजगार देना अनिवार्य होगा और यदि निर्धारित समय में काम नहीं दिया गया तो संबंधित मजदूर को बेरोजगारी भत्ता देना पड़ेगा. उन्होंने जोर देकर कहा कि अब मजदूर के पसीने से कोई खिलवाड़ नहीं कर सकता. मजदूरी देने में देरी होने की पुरानी समस्या को खत्म करने के लिए योजना में यह प्रावधान किया गया है कि देर से मजदूरी देने पर मजदूर को ब्याज समेत विलंबित मजदूरी दी जाएगी. यह सब इसलिए कि मजदूरों के पसीने की पूरी कीमत मिले और गरीबों की सेवा को ही भगवान की पूजा मानने वाला ‘मोदी मंत्र’ जमीन पर दिखाई दे.
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह ने बताया कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रशासनिक व्यय को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 9 प्रतिशत कर दिया गया है. इसके तहत लगभग 13,000 करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि ग्राम रोजगार सहायकों, मैट्स और अन्य जमीनी कर्मचारियों के वेतन और सुविधा के लिए रखी गई है. उन्होंने कहा कि जो कर्मचारी गांवों में मजदूरों और विकास के कामों को संभालेंगे, उन्हें समय पर पूरा वेतन मिलना जरूरी है ताकि वे भटकने से बचें और सिस्टम मजबूत रहे. इस तरह यह योजना मजदूरों के साथ‑साथ प्रशासनिक ढांचे को भी सुदृढ़ करने का काम करेगी.
शिवराज सिंह चौहान ने साफ शब्दों में कहा कि किस गांव में कौन‑सा काम होगा, यह दिल्ली या अमरावती से तय नहीं किया जाएगा. काम तय करने का अधिकार ग्राम पंचायत और ग्राम सभा के पास रहेगा. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि गांव की जनता खुद तय करेगी कि उन्हें आंगनवाड़ी बनानी है, स्कूल, अस्पताल या सड़क चाहिए, खेत‑सड़क बनानी है, एफपीओ के लिए संरचना करनी है, तालाब, जैक डैम, बांध या प्राकृतिक आपदा से बचाने के लिए कोई सुरक्षा दीवार बनानी है– यह सब निर्णय गांव में बैठकर ग्राम सभा करेगी. गांव का फैसला गांव में होगा, यही जी‑राम जी योजना की आत्मा है.
Union Minister चौहान ने राज्यों से कहा कि वे अपनी पंचायतों का ग्रेडेशन कर ए, बी, और सी श्रेणियों में बांट सकते हैं और जो पंचायत विकास में पीछे हैं, उन्हें अधिक राशि देकर तेजी से काम करवा सकते हैं. इससे इंटीरियर और पिछड़े इलाकों के गांवों में विकास की रफ्तार बढ़ेगी. आंध्र प्रदेश के संदर्भ में, उन्होंने बताया कि केवल 9 महीने की अवधि के लिए विकसित भारत-जी राम जी योजना के तहत केंद्र से 7,707 करोड़ रुपए की विशेष राशि दी जा रही है. राज्य Government के हिस्से के साथ यह पैकेज आंध्र प्रदेश को देश में शीर्ष राज्यों में लाएगा और गांवों में रोजगार एवं विकास के लिए बड़ी ताकत देगा. उन्होंने विश्वास जताया कि Chief Minister चंद्रबाबू नायडू और उप Chief Minister पवन कल्याण के नेतृत्व में आंध्र प्रदेश ग्राम विकास का एक मॉडल बनकर उभरेगा.
शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की कि अब किसी भी राज्य में मजदूरी 300 रुपए से कम नहीं होगी. आंध्र प्रदेश में तो यह दर 312–315 रुपए के बीच रखी गई है ताकि मजदूरों को पसीने की पूरी कीमत मिल सके.
Union Minister शिवराज सिंह चौहान ने आंध्र प्रदेश के गरीब परिवारों और गांवों के लिए Prime Minister आवास योजना‑ग्रामीण तथा Prime Minister ग्राम सड़क योजना‑चतुर्थ के तहत बड़ी सौगातों की घोषणा की. उन्होंने बताया कि आंध्र प्रदेश को Prime Minister आवास योजना के अंतर्गत 74,212 नए पक्के मकान स्वीकृत किए गए हैं ताकि कोई भी पात्र गरीब परिवार कच्चे मकान में न रहे और सभी को सम्मानजनक आवास मिल सके. इसी के साथ उन्होंने उन गांवों की चिंता भी दूर की जो अभी तक पक्की सड़कों से नहीं जुड़े हैं. Union Minister शिवराज सिंह ने कहा कि ऐसे इलाकों के लिए 146 नई सड़कें और 19 पुलों के निर्माण के लिए कुल 422 करोड़ रुपए से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है. शिवराज सिंह चौहान ने मंच से ही इन स्वीकृतियों के पत्र Chief Minister और उप Chief Minister को सौंपते हुए आश्वासन दिया कि गांव बढ़ेगा तो India बदलेगा और केंद्र Government आंध्र प्रदेश के संपूर्ण ग्रामीण विकास में कोई कमी नहीं छोड़ेगी.
Union Minister शिवराज सिंह ने आंध्र प्रदेश के तोता परी आम उत्पादक किसानों की समस्याओं का उल्लेख करते हुए कहा कि तोता परी आम के दाम गिरने से किसानों को भारी नुकसान हो रहा है, इसलिए केंद्र Government ने मार्केट इंटरवेंशन स्कीम के तहत बड़ी मात्रा में तोता परी आम खरीदने का फैसला किया है ताकि किसानों को उचित कीमत मिल सके और उनका मेहनताना सुरक्षित रहे. इसके साथ ही उन्होंने बताया कि आईसीआर की वैज्ञानिक टीम राज्य Government की टीम के साथ मिलकर ड्राफ्टिंग और वैरायटी बदलने की तकनीक पर काम करेगी ताकि आम बागानों की उत्पादकता बढ़े और बाजार में बेहतर वैरायटी उपलब्ध हो सके.
शिवराज सिंह चौहान ने लोगों से पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेने की अपील करते हुए कहा कि वे खुद रोज पेड़ लगाते हैं और जनता से आग्रह किया कि कम से कम अपने जन्मदिन पर एक पेड़ जरूर लगाएं. उन्होंने मंच से लोगों विकसित गांव, विकसित आंध्र प्रदेश और विकसित India के लिए सामूहिक संकल्प दिलाया.
Chief Minister चंद्रबाबू नायडू ने अपने संबोधन में विकसित भारत‑जी राम जी योजना को गांवों और ग्रामीण जीवन स्तर में परिवर्तन लाने वाला कार्यक्रम बताया. उन्होंने कहा कि पहले मनरेगा ने रॉयलसीमा से शुरुआत कर देश को एक मॉडल दिया था; अब उसी आधार पर लेकिन अधिक सशक्त स्वरूप में वीबी‑जी राम जी योजना शुरू होकर स्वर्ण आंध्र प्रदेश और विकसित India की दिशा में बड़ा कदम है. उन्होंने कहा कि 125 दिन की रोजगार गारंटी के साथ खेत‑सड़क, तालाब, ड्रेनेज आदि सुविधाएं और भूमिहीन मजदूरों की सामाजिक सुरक्षा जैसे कामों से ग्रामीण जीवन स्तर में सीधा सुधार होगा.
चंद्रबाबू नायडू ने बताया कि इस नई योजना में डिजिटल मास्टर रोल, आधार-आधारित भुगतान, रियल-टाइम मॉनिटरिंग और जियो-टैगिंग जैसी तकनीकों से कामों की निगरानी होगी. इससे काम न करके भी कागज पर हिसाब जैसी पुरानी प्रवृत्तियों पर रोक लगेगी और पैसा सही जगह खर्च होगा. उन्होंने राज्य में हाल के वर्षों में पवन कल्याण के नेतृत्व में हुई ग्राम सभाओं, सीसी रोडों, गोशालाओं, पानी के टैंकों, पम्प-पोंड्स और आदिवासी क्षेत्रों में बने सड़कों का जिक्र करते हुए कहा कि इन्हीं अनुभवों के आधार पर अब वीबी-जी राम जी योजना को सबसे बेहतर तरीके से लागू करके आंध्र प्रदेश को देश का मॉडल राज्य बनाया जाएगा.
Chief Minister ने रायलसीमा क्षेत्र को हॉर्टिकल्चर हब बनाने के अपने विजन को भी साझा किया. उन्होंने कहा कि पूर्वोदय कार्यक्रम के तहत लगभग 40,000 करोड़ रुपए के सार्वजनिक/सरकारी निवेश और लगभग 60,000 करोड़ रुपए के निजी निवेश का लक्ष्य रखा गया है ताकि सिंचाई परियोजनाओं, सड़क कनेक्टिविटी, वेयरहाउस और इंफ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से रायलसीमा को फलों और बागवानी के लिए देश का बड़ा केंद्र बनाया जा सके. उन्होंने इस विजन को स्वर्ण आंध्र प्रदेश की दिशा में एक निर्णायक कदम बताते हुए कहा कि ग्रामीण रोजगार, हॉर्टिकल्चर, इंडस्ट्री निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर– सब मिलकर आंध्र प्रदेश को अग्रणी राज्य बनाने में योगदान देंगे.
चंद्रबाबू नायडू ने अमरावती को ‘देवताओं की राजधानी’ बताते हुए कहा कि केंद्र Government की मदद से राजधानी परियोजना, पोलावरम, विशाखापत्तनम स्टील प्लांट, डेटा सेंटर और फाइटर जेट प्रोजेक्ट जैसे कामों के जरिये आंध्र प्रदेश की ब्रांड इमेज को फिर से ऊंचा किया गया है. उन्होंने कहा कि राइट लीडर, राइट प्लेस, राइट टाइम– यही Narendra Modi हैं और 2047 तक India को नंबर वन देश बनाने के विजन के साथ स्वर्ण आंध्र प्रदेश की दिशा में भी तेजी से काम हो रहा है.
कार्यक्रम में मौजूद केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी ने कहा कि वीबी जी राम जी में काम के दिन 100 से बढ़ाकर 125 दिन तो किए ही गए हैं, साथ ही काम न मिलने की स्थिति में बेरोजगारी भत्ते का भी प्रावधान है. इससे हर कामगार को काम मिलना सुनिश्चित होगा. वहीं केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान ने कहा कि वीबी जी राम जी योजना विकसित India की नींव बनेगी. इस योजना में 300 से ज्यादा तरह के काम होंगे जो ग्रामीण India को सशक्त- समृद्ध बनाने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे.
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एमएस/
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