
New Delhi, 6 मई . Union Minister गिरिराज सिंह ने बिहार में प्रस्तावित कैबिनेट विस्तार, पश्चिम बंगाल की राजनीति और पंजाब में हालिया धमाकों को लेकर कई तीखी टिप्पणियां कीं. उन्होंने कहा कि अगर ममता बनर्जी अपने पद से इस्तीफा नहीं देती तो राज्यपाल को हस्तक्षेप करना पड़ेगा.
पश्चिम बंगाल की Chief Minister ममता बनर्जी द्वारा विधानसभा चुनाव हारने के बाद इस्तीफा न देने के बयान पर उन्होंने कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि यह ‘चोरी और सीनाजोरी’ जैसा व्यवहार है. उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 15 वर्षों में राज्य में चुनावों के दौरान डर, हिंसा और धमकाने का माहौल रहा, जिसमें बमबारी और गुंडागर्दी के जरिए लोगों को मतदान से रोका जाता था.
उन्होंने कहा कि इस बार चुनाव आयोग ने अर्धसैनिक बलों की तैनाती के साथ चुनाव कराए, जिससे मतदाताओं की भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई और लोगों ने बिना किसी भय के मतदान किया. अब राज्य में लोग स्वतंत्र रूप से घूम-फिर रहे हैं और चुनाव प्रक्रिया अधिक निष्पक्ष रही है. उन्होंने ममता बनर्जी पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह राजनीति में वामपंथी दौर के ‘आतंक’ के खिलाफ उभरी थीं, लेकिन सत्ता में आने के बाद खुद उसी तरह का माहौल बनाने लगीं.
उन्होंने यह भी कहा कि यदि ममता बनर्जी स्वयं पद नहीं छोड़ती हैं तो Governor को हस्तक्षेप करना चाहिए. इसके साथ ही उन्होंने घुसपैठ और कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर भी राज्य Government की आलोचना की.
बिहार में कैबिनेट विस्तार को लेकर गिरिराज सिंह ने कहा कि यह एक स्वाभाविक प्रक्रिया है और Government के सुचारू संचालन के लिए पूरी टीम का होना आवश्यक है. उन्होंने बताया कि पहले चरण में केवल Chief Minister और दो उपमुख्यमंत्रियों ने शपथ ली थी, लेकिन अब विस्तारित मंत्रिमंडल के साथ Government विकास कार्यों को गति देगी. उन्होंने यह भी संकेत दिया कि शपथ ग्रहण समारोह भव्य होगा और इसमें Prime Minister मोदी के शामिल होने की संभावना है.
कैबिनेट विस्तार में जेडीयू नेता निशांत कुमार के नाम की चर्चा पर उन्होंने कहा कि यदि वह राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाते हैं तो यह खुशी की बात होगी, हालांकि अंतिम निर्णय उनका, नीतीश कुमार और उनकी पार्टी का होगा.
वहीं, जालंधर और अमृतसर में हुए धमाकों पर प्रतिक्रिया देते हुए गिरिराज सिंह ने राज्य Government पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि वहां की Government आतंकवादियों को बचाने वाली Government बन गई है और प्रशासनिक स्तर पर विरोधाभासी बयान सामने आ रहे हैं. उनके अनुसार Police और Government के बयानों में अंतर साफ दिखाई देता है, जो राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है.
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एएसएच/एबीएम
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