अरुणाचल में सरकारी कर्मचारियों-पेंशनरों को तोहफा, डीए-डीआर में 2 प्रतिशत बढ़ोतरी मंजूर

ईटानगर, 6 मई . अरुणाचल प्रदेश Government ने Wednesday को राज्य के 1,09,725 सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ता (डीए) और महंगाई राहत (डीआर) में दो प्रतिशत की बढ़ोतरी की घोषणा की.

Chief Minister कार्यालय (सीएमओ) के एक अधिकारी ने बताया कि Chief Minister पेमा खांडू के नेतृत्व वाली राज्य Government ने सरकारी कर्मचारियों के कल्याण के प्रति अपनी निरंतर प्रतिबद्धता को दोहराते हुए Wednesday को सेवारत कर्मचारियों के लिए डीए और पेंशनभोगियों तथा पारिवारिक पेंशनभोगियों के लिए डीआर में दो प्रतिशत की वृद्धि की घोषणा की.

इसके साथ ही, मूल वेतन और पेंशन की मौजूदा दर 58 प्रतिशत से बढ़कर 60 प्रतिशत हो गई है, जो 1 जनवरी, 2026 से प्रभावी होगी.

उन्होंने बताया कि यह संशोधन India Government के उस निर्णय के अनुरूप है, जिसे 22 अप्रैल और 24 अप्रैल, 2026 को जारी कार्यालय ज्ञापनों के माध्यम से अधिसूचित किया गया था. ये ज्ञापन केंद्र Government के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए डीए और डीआर में वृद्धि से संबंधित थे.

बढ़ा हुआ डीए अरुणाचल प्रदेश Government में सेवारत अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों, राज्य Government में प्रतिनियुक्ति पर आए केंद्र Government के कर्मचारियों और राज्य Government के सभी नियमित कर्मचारियों पर लागू होगा.

सीएमओ अधिकारी ने बताया कि इसी तरह, बढ़ी हुई डीआर सभी पेंशनभोगियों और पारिवारिक पेंशनभोगियों पर लागू होगी. इस लाभ से पूरे राज्य में लगभग 69,248 नियमित कर्मचारी और 40,477 पेंशनभोगी लाभान्वित होंगे.

अधिकारी के अनुसार, इस वृद्धि के कारण पड़ने वाले वार्षिक वित्तीय भार का अनुमान 100.54 करोड़ रुपए है, जिसमें महंगाई भत्ते के लिए 83.31 करोड़ रुपए और महंगाई राहत के लिए 17.24 करोड़ रुपए शामिल हैं.

जनवरी से अप्रैल तक की अवधि का बकाया नकद रूप में भुगतान किया जाएगा. अधिकारी ने बताया कि बकाया राशि पर कुल वित्तीय भार का अनुमान 33.51 करोड़ रुपए है. मई 2026 से बढ़ा हुआ डीए और डीआर मासिक वेतन तथा पेंशन के साथ ही दिया जाएगा.

बकाया राशि को मिलाकर, कुल वित्तीय भार का अनुमान 117.30 करोड़ रुपए है. सरकारी कर्मचारियों को बधाई देते हुए, Chief Minister खांडू ने उम्मीद जताई कि वे भी बदले में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देंगे और कतार में खड़े अंतिम व्यक्ति तक पहुंचकर लोगों के कल्याण के लिए काम करेंगे.

एएसएच/एबीएम