गहलोत सरकार ने मजबूरी में वापस लिया विवाह पंजीकरण बिल

नई दिल्ली (New Delhi) . भारतीय जनता युवा मोर्चा (बीजेवाईएम) ने दावा किया कि उसने राजस्थान (Rajasthan) सरकार को हाल में पारित विवाह पंजीकरण विधेयक को वापस लेने के लिए विभिन्न प्रदर्शनों के माध्यम से मजबूर किया. बीजेवाईएम ने एक बयान जारी कर कहा कि यह विधेयक ‘‘पश्चगामी’’ था और इससे ‘‘लोगों के लिये बाल विवाह कराना आसान हो जाता.’’

मुख्यमंत्री (Chief Minister) अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने कहा कि राज्य सरकार (State government) ने हाल में पारित विवाह पंजीकरण विधेयक पर फिर से गौर करने के लिए इसे वापस लेने का निर्णय किया है और चिंता जताई कि इसके प्रावधानों से बाल विवाह को बढ़ावा मिलेगा. विपक्षी भाजपा और अधिकार कार्यकर्ताओं ने विधेयक के एक प्रावधान पर आपत्ति जताई थी. बीजेवाईएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी सूर्या ने कहा कि यह विधेयक कानून का उल्लंघन है और इससे नाबालिग लड़कियों के शोषण को बढ़ावा मिलता.

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