प्रशांत किशोर के कांग्रेस में प्रवेश पर लगा पूर्ण विराम

नई दिल्‍ली . चुनावी रणनीतिकार के रूप में प्रसिद्ध पीपी यानि प्रशांत किशोर के कांग्रेस में शामिल होने की अटकलों पर अब पूर्ण विराम लगता दिखाई दे रहा है. खबर है कि फिलहाल प्रशांत किशोर कांग्रेस में शामिल नहीं होंगे. एक रिपोर्ट के मुताबिक आगामी पांच राज्‍यों में होने वाले विधानसभा चुनाव (Assembly Elections)ों के (पंजाब, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, गोवा और मणिपुर) बाद ही प्रशांत किशोर की कांग्रेस में औपचारिक एंट्री हो पाएगी.

रिपोर्ट में बताया गया है कि चरणजीत सिंह चन्‍नी को पंजाब (Punjab) का मुख्‍यमंत्री बनाए जाने में प्रशांत किशोर की कोई भूमिका नहीं है. चन्‍नी का नाम कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने दिया था और राहुल गांधी ने इस पर तुरंत निर्णय ले लिया था. जानकारों की मानें तो कांग्रेस और पीके की राजनीतिक समझ 2024 के लोकसभा (Lok Sabha) चुनाव तक ही सीमित है. कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक प्रशांत किशोर जब कांग्रेस अध्‍यक्ष सोनिया गांधी से मिले थे, उस वक्‍त उनकी बात कांग्रेस में सुधार, संगठनात्मक बदलाव, टिकट वितरण प्रणाली के संस्थागतकरण, चुनावी गठबंधन, चंदा आदि पर केंद्रित रही थी.

बता दें कि जब से प्रशांत किशोर के कांग्रेस में आने की बात शुरू हुई है तब से कांग्रेस के अंदर ही सुगबुगाहट शुरू हो गई है. पार्टी के कुछ वरिष्‍ठ नेता, एआईसीसी के पदाधिकारी और कांग्रेस शासित प्रदेश के मुख्यमंत्री (Chief Minister) तक ने प्रशांत किशोर पर पहले कई आरोप लगाए हैं. कांग्रेस का एक वर्ग इस बात से नाखुश है कि तृणमूल कांग्रेस प्रशांत किशोर के कहने पर ही सुष्मिता देव, गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री (Chief Minister) लुइज़िन्हो फलेरियो और मेघालय, त्रिपुरा आदि के कई नेताओं को अपनी ओर खींच रही है.

बता दें कि प्रशांत किशोर ने दो दिन पहले ही कहा था कि लखीमपुर खीरी मामले से कांग्रेस की अगुवाई में विपक्ष के उठ खड़े होने की उम्मीद लगा रहे लोगों को निराशा हो सकती है क्योंकि देश की सबसे पुरानी पार्टी से जुड़ी समस्याओं का कोई त्वरित समाधान नहीं हैं. इस पर छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के मुख्यमंत्री (Chief Minister) भूपेश बघेल ने इसको लेकर किशोर पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस के चुनाव नहीं जीत पाने वाले नेताओं को अपने पाले में मिलाकर ‘राष्ट्रीय विकल्प’ बनने की उम्मीद कर रहे लोगों को बहुत निराशा होगी क्योंकि राष्ट्रीय स्तर पर विकल्प के मुद्दे का कोई त्वरित समाधान नहीं हो सकता. कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने प्रशांत किशोर की टिप्पणी को ज्यादा तवज्जो नहीं देने का प्रयास करते हुए कहा कि राजनीति में जनता जिसे चाहेगी, वह आगे बढ़ेगा तथा इस समय राहुल गांधी और प्रियंका गांधी जनता की लड़ाई लड़ रहे हैं.

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