एफसीआरए बिल से लेकर झारखंड में छात्रों के आंदोलन तक, सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने

New Delhi, 11 अगस्त . संसद के मानसून सत्र के दौरान विभिन्न मुद्दों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी Political बयानबाजी देखने को मिल रही है. भाजपा नेताओं ने विपक्ष पर सदन की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया, तो वहीं विपक्षी नेताओं ने अन्याय के खिलाफ छात्रों के साथ खड़े होने और राम मंदिर चढ़ावा विवाद से जुड़े सवालों पर चर्चा की मांग की.

एफसीआरए बिल को लेकर Union Minister गिरिराज सिंह ने कहा कि इसमें ऐसा कुछ भी नहीं है, जिससे किसी को डरने की जरूरत हो. देश में यह तय करने के लिए नियम और कानून मौजूद हैं कि विदेश से पैसा कौन भेज सकता है और किन परिस्थितियों में उसे स्वीकार किया जा सकता है. अगर पैसे के लेन-देन और विदेशी फंडिंग को लेकर नियम बनाए गए हैं तो उनका पालन किया जाना चाहिए. उन्होंने विपक्ष की आशंकाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि डरने की जरूरत केवल उन्हीं लोगों को हो सकती है, जो नियमों का गलत या गैर-कानूनी तरीके से इस्तेमाल करते हैं.

Jharkhand में छात्रों के विरोध-प्रदर्शन को लेकर सपा के सांसद राजीव राय ने कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने वास्तव में क्या कहा था. हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि देश में जहां भी अन्याय होगा, सपा छात्रों के साथ खड़ी रहेगी. वहीं, राम मंदिर चंदे की कथित चोरी से जुड़े विवाद पर राजीव राय ने कहा कि इस विषय पर सदन में जल्द चर्चा होनी चाहिए. उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जिस चढ़ावे और चंदे के नाम पर Political समर्थन हासिल किया गया और जिनके माध्यम से योगदान जुटाया गया, अगर उसी चढ़ावे या चंदे में चोरी का आरोप सामने आया है, तो इस मुद्दे पर चर्चा से बचने की वजह क्या है.

BJP MP जगदंबिका पाल ने विपक्ष के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि विपक्ष आखिर और क्या आरोप लगा सकता है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सदन में जवाब देने के लिए तैयार हैं, लेकिन विपक्ष सदन को चलने नहीं देना चाहता. देश की जनता की अपेक्षा है कि संसद में विधेयकों पर चर्चा हो और सांसद अपनी बात रखें. राज्यसभा में बिल पर चर्चा हो रही है, जबकि दूसरी ओर सदन की कार्यवाही को लेकर लगातार व्यवधान की स्थिति बनी हुई है. संसद का मुख्य उद्देश्य कानूनों और महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा करना है. ऐसे में लगातार हंगामा होने से संसदीय कार्य प्रभावित होते हैं.

सदन की कार्यवाही में व्यवधान को लेकर केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास आठवले ने भी विपक्ष पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि विपक्षी दल बार-बार हंगामा कर रहे हैं और हर दिन इस तरह का व्यवधान लोकतंत्र के लिए उचित नहीं है. आने वाले चुनाव में विपक्षी दलों को हार का सामना करना पड़ेगा. लोकतंत्र में विपक्षी दलों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है. विपक्ष को अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए Government से सवाल पूछने चाहिए और मुद्दों पर चर्चा करनी चाहिए, लेकिन लगातार सदन की कार्यवाही बाधित करना उचित तरीका नहीं है.

BJP MP हरभजन सिंह ने पंजाब में नशे की बढ़ती समस्या को लेकर गंभीर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि यह ऐसा मुद्दा है, जिसने उन्हें बेहद दुखी किया है. पंजाब अपनी खुशहाली, खेल, प्रेम और भाईचारे के लिए जाना जाता रहा है और वह पंजाब को मौजूदा स्थिति में नहीं देख सकते. अगर पंजाब के युवा नशे की लत की चपेट में आ रहे हैं और उन्हें यह समझ नहीं आ रहा कि इससे बाहर कैसे निकलें, तो यह केवल Government की नहीं बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी बन जाती है. पंजाब की पहचान कभी सकारात्मक उपलब्धियों और खुशहाल जीवन से जुड़ी रही है, लेकिन अब नशे की समस्या के कारण राज्य की एक अलग तस्वीर सामने आ रही है.

हरभजन सिंह ने आगे कहा कि इस विषय पर पहले ही काफी काम किया जाना चाहिए था. अगर समय रहते पर्याप्त काम हुआ होता तो आज पंजाब से जुड़े नशे के इतने वीडियो देखने को नहीं मिलते और न ही इस समस्या को लेकर इतनी चर्चा होती. जो पंजाब कभी खुशहाली के लिए जाना जाता था, वह आज नशे की गंभीर समस्या के कारण क्यों चर्चा में है. हरभजन सिंह ने Government से इस मामले में ठोस कार्रवाई करने की मांग की. इस दौरान Union Minister अश्विनी वैष्णव के साथ हुई अपनी मुलाकात की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि उन्होंने मंत्री से Himachal Pradesh के अंब तक जाने वाली तीन ट्रेनों से जुड़े मुद्दे पर बातचीत की.

/एबीएम