
New Delhi, 27 जुलाई . आजकल बढ़ता प्रदूषण, धूल-मिट्टी, खराब खानपान और तनाव का असर सबसे पहले हमारी त्वचा और बालों पर दिखाई देता है. कम उम्र में ही बाल झड़ने लगते हैं और त्वचा अपनी प्राकृतिक चमक खोने लगती है. ऐसे में लोग महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स का सहारा लेते हैं, लेकिन अगर कुछ प्राकृतिक चीजों का इस्तेमाल किया जाए तो अच्छा फायदा मिल सकता है. इन्हीं में से एक है बादाम का तेल. बादाम के तेल में ऐसे कई पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो त्वचा और बालों दोनों की देखभाल में मदद कर सकते हैं.
बादाम के तेल में विटामिन ई, हेल्दी फैट, एंटीऑक्सीडेंट और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं. यह त्वचा की नमी बनाए रखने, बालों को मुलायम बनाने और बाहरी नुकसान से बचाने में मदद करता है. बादाम के तेल से हल्के हाथों से सिर की मालिश करने से बालों को नमी मिलती है और वे पहले से ज्यादा मुलायम महसूस होते हैं. कुछ लोग बादाम के तेल को जैतून के तेल के साथ मिलाकर भी इस्तेमाल करते हैं. इससे बालों की देखभाल बेहतर तरीके से होती है. हालांकि अगर बाल बहुत ज्यादा झड़ रहे हों, तो पहले त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है.
नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित रिसर्च के मुताबिक, बादाम के तेल में ऐसे फैटी एसिड होते हैं, जो बालों की बाहरी परत को सुरक्षित रखने में मदद करते हैं. इससे बालों का रूखापन कम होता है और बालों के टूटने की संभावना भी कुछ हद तक कम हो जाती है.
आंखों के नीचे होने वाले काले घेरे यानी डार्क सर्कल्स की समस्या भी आजकल काफी आम हो गई है. देर रात तक जागना, तनाव, नींद की कमी और शरीर में पानी की कमी इसके बड़े कारण माने जाते हैं. कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि रात में सोने से पहले आंखों के नीचे थोड़ी मात्रा में बादाम के तेल से हल्की मालिश करने से त्वचा को नमी मिलती है. हालांकि मेडिकल रिसर्च कहती है कि डार्क सर्कल्स का पूरा इलाज सिर्फ किसी एक तेल से संभव नहीं है. इसके लिए अच्छी नींद, पर्याप्त पानी और संतुलित जीवनशैली भी उतनी ही जरूरी है.
बढ़ती उम्र के साथ चेहरे पर झुर्रियां आना एक सामान्य प्रक्रिया है. लेकिन कई लोगों में यह बदलाव जल्दी दिखाई देने लगता है. डॉक्टरों का कहना है कि बादाम के तेल में मौजूद विटामिन ई और एंटीऑक्सीडेंट त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद कर सकते हैं. नियमित रूप से त्वचा की देखभाल करने से त्वचा की नमी बनी रहती है, जिससे वह मुलायम और स्वस्थ दिखाई देती है.
यूरोपियन मेडिकल रिसर्च में प्रकाशित कुछ रिसर्च के अनुसार, बादाम का तेल रूखी त्वचा वाले लोगों के लिए भी फायदेमंद हो सकता है. यह त्वचा की ऊपरी परत में नमी बनाए रखने में मदद करता है, जिससे त्वचा कम रूखी महसूस होती है. एक्जिमा और सोरायसिस जैसी कुछ त्वचा संबंधी समस्याओं में भी डॉक्टर कई बार मॉइस्चराइजिंग के रूप में बादाम के तेल का इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं. हालांकि ऐसी बीमारियों में डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है.
फटी एड़ियों की समस्या भी बादाम के तेल से कुछ हद तक कम होती है. हालांकि, अगर घाव, एलर्जी या संक्रमण हो, तो तेल लगाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए.
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पीके/पीएम
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