
शेखपुरा, 20 अगस्त . बिहार में शेखोपुरसराय प्रखंड क्षेत्र के भदौली गांव के संजीत कुमार आत्मनिर्भरता की मिसाल बन गए हैं. कभी गांव के चौक पर कपड़े की छोटी-सी दुकान चलाकर परिवार का भरण-पोषण करने वाले संजीत कुमार ने Prime Minister सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन (पीएमएफएमई) योजना का लाभ उठाकर बेकरी उद्योग शुरू किया. वह आज बड़े पैमाने पर बेकरी उत्पाद तैयार कर रहे हैं और अपने साथ 10 लोगों को रोजगार भी दे रहे हैं.
संजीत कुमार ने समाचार एजेंसी से बातचीत के दौरान बताया कि पहले वह गांव के चौक पर कपड़े की दुकान चलाते थे. दुकान से इतनी आमदनी नहीं हो पाती थी कि परिवार का खर्च आसानी से चल सके. बच्चों की पढ़ाई, भरण-पोषण और अन्य जरूरतों को पूरा करने में उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था.
इसी बीच, एक दिन उनकी दुकान पर एक ग्राहक आया. उसके लिए वह ग्राहक किसी भगवान से कम नहीं था. ग्राहक ने उन्हें पीएमएफएमई योजना के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि Government की इस योजना का लाभ लेकर बेकरी उद्योग शुरू किया जा सकता है और इससे अच्छी आमदनी भी की जा सकती है.
ग्राहक की बात से प्रेरित होकर संजीत कुमार शेखपुरा मुख्यालय स्थित उद्योग विभाग के कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने योजना के बारे में विस्तार से जानकारी ली. विभाग के कर्मियों ने उन्हें योजना, आवेदन प्रक्रिया और मिलने वाले लाभ के बारे में समझाया. इसके बाद संजीत कुमार ने योजना के लिए आवेदन कर दिया.
कुछ समय बाद उन्हें योजना का लाभ मिल गया. इसके बाद उन्होंने मशीनें खरीदीं और बेकरी का काम शुरू कर दिया. मेहनत और लगन के साथ धीरे-धीरे उनका कारोबार बढ़ता गया. आज संजीत कुमार बड़े स्तर पर बेकरी उत्पादों का उत्पादन कर रहे हैं और अच्छी आमदनी अर्जित कर खुद आत्मनिर्भर बन चुके हैं.
संजीत कुमार ने बताया कि उनके यहां कुल 10 लोग काम करते हैं, जिनमें 6 कारीगर Jharkhand के हैं, जबकि 4 स्थानीय मजदूर हैं. इस तरह वह खुद रोजगार पाने के साथ-साथ दूसरे लोगों को भी रोजगार उपलब्ध करा रहे हैं.
उनकी बेकरी में बर्गर, बिस्किट, टोस्ट, ब्रेड सहित कई प्रकार के खाद्य उत्पाद तैयार किए जाते हैं. इन उत्पादों की सप्लाई शेखपुरा जिले के अलावा नवादा और लखीसराय जिले तक की जाती है.
संजीत कुमार ने Prime Minister के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके जैसे बेरोजगार युवाओं के लिए Government द्वारा शुरू की गई ऐसी योजनाएं काफी मददगार साबित हो रही हैं. उन्होंने Government को धन्यवाद दिया.
उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि आज के समय में जो युवा रोजगार की तलाश में भटक रहे हैं, उन्हें निराश होने की जरूरत नहीं है. वे उद्योग विभाग के कार्यालय पहुंचकर सरकारी योजनाओं की जानकारी लें और योजना का लाभ उठाकर अपना रोजगार शुरू करें. इससे वे खुद आत्मनिर्भर बन सकते हैं और दूसरों को भी रोजगार दे सकते हैं.
बेकरी में काम करने वाले Jharkhand के मूल निवासी याशिक अंसारी ने बताया कि उन्हें यहां काम करते हुए तीन महीने पूरे हो गए है. पहले Patna में काम करते थे, वेतन कम मिलने की वजह से नौकरी छोड़कर यहां काम करने लगा.
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एएसएच/डीकेपी
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