लेबनानी सेना के समर्थन में फ्रांस ने अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की तैयारी तेज की, इजरायल से वार्ता अटकी

पेरिस, 20 अगस्त . लेबनान को जैसी उम्मीद थी वैसा कुछ खास होता नहीं दिखा. इजरायल की ओर से अब भी कुछ इलाकों पर हमले जारी हैं. इस सबके बीच फ्रांस ने लेबनानी सेना को मजबूत करने के लिए अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित करने की दिशा में प्रयास तेज कर दिए हैं. यह पहल ऐसे समय हो रही है जब लेबनान-इजरायल-अमेरिका के बीच व्यापक वार्ता प्रक्रिया गतिरोध में अटकी हुई है और बातचीत के आठवें दौर की अभी कोई तारीख तय नहीं हुई है.

लेबनान के अखबार ‘अन-नहार’ की रिपोर्ट के अनुसार, फ्रांस के President इमैनुएल मैक्रों ने लेबनान के President जोसेफ आऊन को पत्र भेजकर 17 सितंबर को पेरिस में होने वाली प्रारंभिक बैठक के लिए आमंत्रित किया है. इसके बाद प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में लेबनानी सशस्त्र बलों के लिए संसाधन, प्रशिक्षण और लॉजिस्टिक सहायता जुटाने पर चर्चा होगी.

रिपोर्ट के मुताबिक, President आऊन रोम पहुंचे हैं, जहां Thursday को उनकी मुलाकात इटली की Prime Minister जॉर्जिया मेलोनी से होने वाली है. बैठक में दक्षिणी लेबनान की स्थिति और लेबनान-इजरायल वार्ता प्रक्रिया प्रमुख मुद्दे रहने की संभावना है.

इटली उन देशों में शामिल है, जिन्हें दक्षिणी लेबनान में प्रस्तावित बफर जोन के तहत होने वाले निरस्त्रीकरण की निगरानी में भूमिका निभाने के संभावित उम्मीदवार के तौर पर देखा जा रहा है.

इस बीच, लेबनानी संसद के अध्यक्ष नबीह बेरी ने अमेरिकन टास्क फोर्स फॉर लेबनान के एक प्रतिनिधिमंडल से कहा कि इजरायल की सैन्य कार्रवाई रोकने और अंतरराष्ट्रीय सीमा तक उसकी वापसी सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी दबाव केवल अमेरिका के पास है.

लेबनान में यह कूटनीतिक गतिविधियां ऐसे समय तेज हुई हैं जब दक्षिणी हिस्से में तनाव बना हुआ है. फ्रांस की पहल का उद्देश्य लेबनानी सेना की क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ देश की संप्रभुता और दक्षिणी सीमा पर राज्य के नियंत्रण को मजबूत करना भी है.

हालांकि, इजरायल और लेबनान के बीच वार्ता में गतिरोध के कारण फ्रांस के प्रयासों के सामने बड़ी चुनौती बनी हुई है. आठवें दौर की बातचीत की तारीख तय नहीं होने से युद्धविराम, इजरायली सैनिकों की वापसी और दक्षिणी लेबनान में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अनिश्चितता बरकरार है.

केआर/