
पेरिस, 25 जून . फ्रांस ने पांच ऐसे लोगों की पहचान की है और उन्हें आइसोलेट किया है जो इबोला वायरस से संक्रमित हो सकते हैं. ये लोग एक डॉक्टर के साथ फ्लाइट में सफर कर रहे थे, जिसका वायरस टेस्ट पॉजिटिव आया था.
फ्रांस की स्वास्थ्य मंत्री स्टेफनी रिस्ट ने Wednesday (स्थानीय समय) को कहा कि डॉक्टर ने फ्रांस लौटने से पहले डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो में काम किया था.
मंत्री के अनुसार, मरीज एक अनुभवी डॉक्टर है जो एक मिशन से लौटे हैं, जिन्हें पता नहीं था कि उन्हें वायरस हो गया है. जब वह प्लेन में बैठे तो उनमें कोई लक्ष्ण नहीं थे. वह एक डॉक्टर है और विमान में उन्हें सिरदर्द हुआ, इसलिए उन्होंने अलर्ट जारी किया ताकि पेरिस पहुंचने पर उनका ध्यान रखा जा सके.
जैसे ही उनकी फ्लाइट लैंड हुई, उन्हें हॉस्पिटल में आइसोलेशन में रखा गया. मंत्री ने आगे कहा कि वह 21 दिनों तक, जो कि इन्क्यूबेशन पीरियड का समय है, वहीं रहेंगे.
यूरोपीय सेंटर फॉर डिजीज प्रिवेंशन एंड कंट्रोल का अनुमान है कि यूरोप में रहने वाले लोगों के लिए संक्रमण का खतरा बहुत कम है.
इस बीच, डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (डीआरसी) में इबोला के 1,118 कन्फर्म मामले सामने आए हैं, जिनमें 291 मौतें शामिल हैं. डीआरसी Government ने इस बीमारी के फैलने पर ताजा स्थिति को लेकर अपडेट में कहा है.
डीआरसी के संचार और मीडिया मंत्रालय ने Wednesday (स्थानीय समय) को social media प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा की है कि 122 लोग ठीक हो गए हैं, जबकि 408 मरीजों की देखभाल की जा रही है. Tuesday तक मामले में मृत्यु दर 26 फीसदी था.
अपडेट के अनुसार, महामारी विज्ञान निगरानी सक्रिया है, जिससे 138 संदिग्ध मामलों की पहचान हुई है, जबकि कॉन्टैक्ट फॉलो-अप रेट 77.1 फीसदी रहा.
अपडेट में कहा गया है कि पूर्वी इतुरी प्रांत अभी भी इस बीमारी का सेंटर बना हुआ है, जबकि साउथ किवु प्रांत में 26 मई से कोई नया ट्रांसमिशन नहीं हुआ है, जबकि प्रभावित इलाकों में सर्विलांस, मरीजों की देखभाल और कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग की कोशिशें जारी हैं.
विश्व स्वास्थ्य संगठन के डायरेक्टर-जनरल टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयेसस ने Wednesday को कहा कि अफ्रीका में चल रहे इबोला आउटब्रेक से वैश्विक कतरा कम बना हुआ है, भले ही प्रभावित इलाके में केस की संख्या बढ़ रही है.
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पीएम
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