नई दिल्ली, 3 अप्रैल . जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी.के. विजयकुमार ने कहा है कि अमेरिका में बॉन्ड पर रिटर्न बढ़ने से भारत में इक्विटी बाजार प्रभावित हो रहा है.

जुलाई में फेड की ओर से दर में कटौती की उम्मीद अब फीकी पड़ती जा रही है. श्रम बाजार खराब दौर से गुजर रहा है. क्रूड (ब्रेंट 89 डॉलर पर) की कीमत में बढ़ोतरी से मुद्रास्फीति बढ़ने की आशंका है. इससे फेड की दर में कटौती करने की क्षमता प्रभावित हो रही है. भले ही फेड प्रमुख ने हाल ही में नरम रुख अपनाया है, लेकिन बाजार को दरों में कटौती की उम्मीद कम ही है. इससे वैश्विक स्तर पर इक्विटी बाजारों पर दबाव बना रहेगा. उन्होंने कहा, भारत में एफपीआई बिकवाली जारी रख सकते हैं.

यह संभव है कि गिरावट पर लिवाली होगी, यह भारत में सफल रणनीति रही है. चूंकि निफ्टी मार्च के निचले स्तर से 3 फीसदी ऊपर है, इसलिए बाजार मजबूत है. विजयकुमार ने कहा, लार्ज कैप में वैल्यूएशन ठीक ठाक है.

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के खुदरा अनुसंधान प्रमुख दीपक जसानी ने कहा कि विश्व बैंक ने 2 अप्रैल को वित्त वर्ष 2025 में भारत के लिए अपना जीडीपी विकास अनुमान बढ़ाकर 6.6 प्रतिशत कर दिया है. वित्त वर्ष 2025 के लिए वर्ल्ड बैंक का अनुमान चालू वित्त वर्ष में 7.5 प्रतिशत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि के अनुमान की तुलना में काफी मॉडरेट है. हालांकि, उसे उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में विकास में तेजी आएगी और निवेश से लाभांश मिलना शुरू हो जाएगा.

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