उत्तराखंड के पूर्व सीएम खंडूरी का पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार, लोगों ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

हरिद्वार, 20 मई . उत्तराखंड के पूर्व Chief Minister और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवन चंद्र खंडूरी का Wednesday को हरिद्वार में पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया. इस दौरान Political नेताओं, संतों और समर्थकों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी. लोग उन्हें अनुशासन, ईमानदारी और राज्य के विकास में योगदान के लिए याद कर रहे हैं.

उत्तराखंड के Chief Minister पुष्कर सिंह धामी, पूर्व Chief Minister विजय बहुगुणा, BJP MP अनिल बलूनी और कई वरिष्ठ नेता हरिद्वार में अंतिम संस्कार में शामिल हुए.

Chief Minister पुष्कर सिंह धामी ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि पूर्व Chief Minister खंडूरी का पूरा जीवन प्रेरणादायक रहा और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा.

उन्होंने कहा, ”चाहे सेना में देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले अधिकारी के रूप में हों, राज्य के Chief Minister के रूप में या Union Minister के तौर पर, उनका अनुशासन, नियमों का पालन और समय की पाबंदी जैसी खूबियां हमेशा हमें प्रेरित करती रहेंगी.”

पूर्व Chief Minister विजय बहुगुणा ने कहा कि भुवन चंद्र खंडूरी ने खुद को पूरी तरह उत्तराखंड और यहां की जनता की सेवा के लिए समर्पित कर दिया था.

उन्होंने कहा, ”आज उन्हें जिस तरह सम्मान दिया जा रहा है, वह उनके जीवन को दर्शाता है. सांसद, मंत्री और Chief Minister के रूप में उन्होंने उत्तराखंड की सेवा पूरी निष्ठा से की. वह सभी को साथ लेकर चलते थे. वह बड़े भाई जैसे थे. आज हम बेहद दुखी हैं.”

BJP MP अनिल बलूनी ने पूर्व Prime Minister अटल बिहारी वाजपेयी की Government में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री रहते हुए खंडूरी के योगदान को याद किया. उन्होंने कहा, ”जब हम कोटद्वार से देहरादून जाते थे, तब रास्ते में कई दुर्घटनाएं होती थीं. जैसे ही खंडूरी सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री बने, उन्होंने सभी कमियों को दूर किया. उत्तराखंड इसे कभी नहीं भूलेगा. उन्होंने सड़कों और हाईवे का ऐसा नेटवर्क बनाया, जिससे पूरा क्षेत्र जुड़ गया.”

आध्यात्मिक गुरु कैलाशानंद गिरी महाराज ने भी खंडूरी को श्रद्धांजलि देते हुए उन्हें उत्तराखंड के लिए ‘दिव्य व्यक्तित्व’ बताया. उन्होंने कहा, ”उन्होंने उत्तराखंड के लिए बहुत काम किया और बड़ा योगदान दिया. अपने समय में उन्होंने कई नेताओं और युवा राजनेताओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया. वह बेहद प्रतिभाशाली थे और हमेशा चाहते थे कि उत्तराखंड देश में सबसे आगे पहुंचे.”

एएमटी/एबीएम