
कोलकाता, 7 जुलाई . पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री अरूप बिस्वास Tuesday को Police के सामने पूछताछ के लिए पेश हुए. यह पूछताछ पिछले साल कोलकाता में अर्जेंटीना के फुटबॉलर लियोनेल मेसी के ‘गोट इंडिया टूर’ इवेंट के दौरान हुई कथित अव्यवस्था के सिलसिले में थी.
Saturday को Police की तरफ से भेजे गए नोटिस पर कार्रवाई करते हुए, बिस्वास अपने वकील के साथ सुबह करीब 10 बजे बिधाननगर साउथ Police स्टेशन पहुंचे.
Police ने इस मामले की जांच के तहत तृणमूल कांग्रेस नेता से पूछताछ की. 18 जून के बाद जांचकर्ताओं के सामने यह उनकी दूसरी पेशी थी. इससे पहले, उन्होंने बिधाननगर Police की तरफ से जारी कई समन को नजरअंदाज किया था, लेकिन आखिरकार कलकत्ता हाई कोर्ट से मिली अंतरिम कानूनी सुरक्षा के बाद वे पेश हुए.
यह मामला इवेंट के मुख्य आयोजक शताद्रु दत्ता की ओर से दर्ज कराई गई First Information Report से जुड़ा है. दत्ता ने आरोप लगाया था कि पिछले साल 13 दिसंबर को साल्ट लेक के युवा भारती क्रीड़ांगन में मेसी की मौजूदगी के दौरान हुई कथित अव्यवस्था और हंगामे में बिस्वास की अहम भूमिका थी.
First Information Report के बाद, Police ने पूछताछ के लिए बिस्वास को कई बार समन भेजा. इसके बाद उन्होंने किसी भी सख्त कार्रवाई से सुरक्षा पाने के लिए कलकत्ता हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. सिंगल बेंच ने शुरू में उन्हें 2 जुलाई तक अंतरिम सुरक्षा दी, जिससे वे गिरफ्तारी के जोखिम के बिना 18 जून को जांचकर्ताओं के सामने पेश हो सके.
बाद में दत्ता ने कलकत्ता हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच के सामने सुरक्षा आदेश को चुनौती दी. हालांकि, डिवीजन बेंच ने पिछले आदेश में दखल देने से इनकार कर दिया और बिस्वास को मिली राहत को बरकरार रखा. इसके बाद सुरक्षा की अवधि 17 अगस्त तक बढ़ा दी गई, जिससे पूर्व मंत्री को सख्त कार्रवाई से सुरक्षित रहते हुए जांच में सहयोग जारी रखने की अनुमति मिल गई.
मेसी के दौरे के बाद युवा भारती स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में हुई कथित अव्यवस्था के बाद गिरफ्तार किए गए दत्ता ने बार-बार बिस्वास पर सुरक्षा लापरवाही और आयोजन की विफलताओं के लिए जिम्मेदार होने का आरोप लगाया है. राज्य में Government बदलने के बाद, उन्होंने बिधाननगर Police के पास एक नई शिकायत दर्ज कराई और उन आरोपों को दोहराया.
दत्ता के अनुसार, इवेंट के लिए लगभग 70,000 टिकट छापे गए थे. उन्होंने आरोप लगाया कि बिस्वास ने अपने आधिकारिक पद का इस्तेमाल करते हुए लगभग 22,000 टिकट लिए और बाद में उन्हें अपने सहयोगियों में बांट दिया या बेच दिया. दत्ता ने इस हाई-प्रोफाइल फुटबॉल इवेंट के दौरान भीड़ के कुप्रबंधन और मची अफरातफरी के लिए पूर्व मंत्री को भी जिम्मेदार ठहराया है.
–
आरएसजी/एबीएम
Skip to content