
New Delhi, 29 जुलाई . विदेश मंत्री (ईएएम) एस. जयशंकर ने Wednesday को जर्मनी के राजदूत फिलिप एकरमैन को विदा किया. उन्होंने भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी को मजबूत बनाने में उनके महत्वपूर्ण योगदान की सराहना की और उनके भविष्य के दायित्वों के लिए शुभकामनाएं दीं.
विदेश मंत्री जयशंकर ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर मुलाकात की जानकारी साझा करते हुए लिखा, “जर्मनी के राजदूत फिलिप एकरमैन के विदा करने से पहले की मुलाकात अच्छी रही.”
उन्होंने आगे कहा, “मैंने भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने में उनके बहुमूल्य योगदान की सराहना की. भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं.”
India और जर्मनी अपनी द्विपक्षीय साझेदारी के तहत रणनीतिक, आर्थिक, तकनीकी और कूटनीतिक क्षेत्रों में सहयोग को लगातार मजबूत कर रहे हैं.
India स्थित जर्मन मिशन की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, फिलिप एकरमैन ने बॉन, हीडलबर्ग और उट्रेक्ट विश्वविद्यालयों से कला इतिहास और अर्थशास्त्र की पढ़ाई की. वर्ष 1993 में उन्होंने कला इतिहास में डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की और उसी वर्ष जर्मन विदेश सेवा में शामिल हुए.
अपने कूटनीतिक करियर के दौरान एकरमैन ने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं. उन्होंने मोरक्को के रबात और न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र में जर्मनी के स्थायी मिशन में भी सेवाएं दीं.
वर्ष 2006-07 के दौरान उन्होंने अफगानिस्तान के कुंदुज में जर्मन प्रांतीय पुनर्निर्माण दल का नेतृत्व किया.
इसके बाद 2007 से 2010 तक वह New Delhi स्थित जर्मन दूतावास में Political सलाहकार रहे. यह India में उनकी शुरुआती प्रमुख कूटनीतिक नियुक्तियों में से एक थी.
बर्लिन में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने 2002 से 2006 तक जर्मनी के पूर्व विदेश मंत्रियों जोश्का फिशर और फ्रैंक-वाल्टर स्टाइनमायर के कार्यालयों में भी कार्य किया.
वर्ष 2010 से 2014 तक एकरमैन जर्मन विदेश मंत्रालय में अफगानिस्तान-Pakistan टास्क फोर्स के प्रमुख रहे और अफगानिस्तान तथा Pakistan के लिए उप-विशेष प्रतिनिधि की जिम्मेदारी भी निभाई.
इसके बाद, 2014 से 2016 तक, वह वाशिंगटन स्थित जर्मन दूतावास में उप-मिशन प्रमुख रहे. India में जर्मनी के राजदूत बनने से पहले, उन्होंने पांच वर्षों तक जर्मन विदेश मंत्रालय में अफ्रीका, लैटिन अमेरिका तथा निकट और मध्य पूर्व मामलों के महानिदेशक के रूप में कार्य किया.
इस महीने की शुरुआत में को दिए एक विशेष साक्षात्कार में फिलिप एकरमैन ने कहा था कि India और जर्मनी नवीकरणीय ऊर्जा (रिन्यूएबल एनर्जी) के क्षेत्र में सतत विकास के लिए मिलकर काम कर रहे हैं और आने वाले समय में यह साझेदारी और मजबूत होगी.
उन्होंने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के मद्देनजर दोनों देशों के लिए ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया. उनका कहना था कि ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए किसी एक क्षेत्र पर अत्यधिक निर्भरता कम करना महत्वपूर्ण है.
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केआर/
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