
New Delhi, 2 मई . विदेश मंत्री एस. जयशंकर दो मई से दस मई तक जमैका, सूरीनाम और त्रिनिदाद और टोबैगो की आधिकारिक यात्रा पर जाएंगे. यह जानकारी Saturday को विदेश मंत्रालय ने दी.
विदेश मंत्रालय ने बताया कि इन देशों का India से खास संबंध है क्योंकि यहां गिरमिटिया समुदाय के लोग रहते हैं.
‘गिरमिटिया’ वे भारतीय मजदूर थे, जो 19वीं सदी के मध्य और अंत में ब्रिटिश काल के दौरान काम करने के लिए India से दूसरे देशों में गए थे. बाद में उनमें से कई लोग वहीं बस गए. ‘गिरमिट’ शब्द ‘एग्रीमेंट’ (समझौते) का गलत उच्चारण है, जो उनके काम के अनुबंध के लिए इस्तेमाल होता था.
विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस यात्रा के दौरान जयशंकर इन तीनों देशों के नेताओं से मिलेंगे और अपने समकक्ष मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा करेंगे, जिनमें दोनों पक्षों की रुचि है.
मंत्रालय ने कहा कि यह यात्रा India और इन देशों के बीच Political संबंधों को और मजबूत करेगी, लंबे समय से चले आ रहे दोस्ताना रिश्तों को आगे बढ़ाएगी और दक्षिण-दक्षिण सहयोग और विकास को भी बढ़ावा देगी.
विदेश मंत्री इन देशों में व्यापार जगत के प्रमुख लोगों और भारतीय समुदाय के सदस्यों से भी मुलाकात करेंगे और बातचीत करेंगे.
पिछले महीने भी जयशंकर ने India में सेंट किट्स और नेविस के उच्चायोग के खुलने का स्वागत किया था. उन्होंने कहा था कि इससे दोनों देशों के संबंध और मजबूत होंगे.
उन्होंने यह भी कहा था कि India और सेंट किट्स और नेविस दक्षिण-दक्षिण सहयोग में एक-दूसरे का समर्थन करते हैं और उन्होंने इंटरनेशनल सोलर अलायंस में उस देश की सक्रिय भागीदारी की सराहना भी की थी.
जयशंकर ने सेंट किट्स और नेविस को इस साल जनवरी में कैरिकॉम की अध्यक्षता संभालने पर बधाई दी थी और India तथा कैरिकॉम देशों के बीच मजबूत रिश्तों की सराहना की थी.
जमैका, सूरीनाम और त्रिनिदाद और टोबैगो भी ‘कैरिबियन समुदाय’ के सदस्य देश हैं.
–
एवाई/पीएम
Skip to content