
हेलसिंकी, 11 जून . India के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने Thursday को फिनलैंड की विदेश मंत्री एलिना वाल्टोनन और संयुक्त अरब अमीरात की सहायक विदेश मंत्री लाना नुसेबेह के साथ ‘उभरती ताकतें और नए भूPolitical मुकाबला’ पर कुलटारेंटा वार्ता में पैनल डिस्कशन में हिस्सा लिया. इस दौरान उन्होंने ताजा वैश्विक हालातों पर भी चर्चा की. इस दौरान, विदेश मंत्री ने फिनलैंड के President अलेक्जेंडर स्टब से भी मुलाकात की.
विदेश मंत्री जयशंकर ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “कुलटारेंटा वार्ता के दौरान फिनलैंड के President एलेक्जेंडर स्टब से मिलकर खुशी हुई.”
विदेश मंत्री जयशंकर और President स्टब दोनों ने बदलते भू-Political हालात पर अपने विचार साझा किए और लगातार अनिश्चित होते ग्लोबल माहौल में डिप्लोमेसी की अहमियत पर जोर दिया.
विदेश मंत्री जयशंकर ने कुलटारेंटा वार्ता में ‘उभरती शक्तियों और नई भूPolitical प्रतिस्पर्धा’ पर फिनिश विदेश मंत्री एलिना वाल्टोनन और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की विदेश राज्य मंत्री लाना नुसेबीह के साथ चर्चा में भाग लिया.
चर्चा के दौरान, विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि चल रहे संघर्षों के कारण लागत बढ़ रही है और क्षेत्रों से कहीं अधिक बदलाव हो रहे हैं और इस बात पर सहमति हुई कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को उनके परिणामों को कम करने और कूटनीति के लिए स्थितियां बनाने के प्रयास जारी रखने चाहिए.
उन्होंने बढ़ती अस्थिर दुनिया में अधिक लचीलेपन और अतिरेक के निर्माण, आपूर्ति श्रृंखलाओं को जोखिम से मुक्त करने और विविधता लाने के महत्व पर जोर दिया.
विदेश मंत्री ने यह भी दोहराया कि India के ऊर्जा के विकल्प देश के हित से तय होते हैं और खरीदारी सामर्थ्य और उपलब्धता के आधार पर होती है.
उन्होंने खाड़ी क्षेत्र के साथ India के संबंधों की अहमियत पर जोर दिया, जो लोगों के बीच मजबूत संबंदों, ऊर्जा सहयोग और बढ़ती रणनीतिक और रक्षा साझेदारी पर आधारित है.
विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि लड़ाई का तरीका तेजी से बदल रहा है, जिसमें नई तकनीक, हथियार और टैक्टिक्स पारंपरिक लड़ाई के तरीकों के साथ मौजूद हैं, जिससे भारत-ईयू रक्षा और रणनीतिक सहयोग के लिए नए रास्ते खुल रहे हैं.
उन्होंने यह भी बताया कि India और ईयू ने सिर्फ इसी साल मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) पर बातचीत पूरी की है, रणनीतिक और रक्षा साझेदारी और व्यापक मोबिलिटी सहयोग फ्रेमवर्क पर हस्ताक्षर किए हैं, जो संबंध की बढ़ती गहराई को दिखाता है.
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्री नुसेबेह के साथ भी मीटिंग की और व्यापक रणनीतिक साझेदारी में हुई तरक्की का जायजा लिया. आपसी फायदे के क्षेत्रीय मुद्दों पर भी बातचीत की.
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डीकेपी
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