फोर्ड मोटर भारत में अपने दो संयंत्रों में वाहनों का उत्पादन बंद करेगी

 

नई दिल्ली (New Delhi) . अमेरिका की प्रमुख वाहन कंपनी फोर्ड मोटर ने कहा है ‎कि वह भारत में अपने दो संयंत्रों में वाहनों का उत्पादन बंद करने जा रही है. कंपनी अब देश में केवल आयातित वाहनों को ही बेचेगी. इसको लेकर यह कयास लगाए जा रहे हैं कि कहीं यह भारत में कारोबार समेटने की दिशा में कंपनी का पहला कदम तो नहीं है. ऐसे कयासों की वजह है कि इससे पहले भी वाहनों से जुड़ी दो अमेरिकी कंपनियां भारत में अपना कारोबार समेट चुकी हैं और इसकी शुरुआत कारोबार की रिस्ट्रक्चरिंग से ही हुई थी. फोर्ड से पहले जो दो अमेरिकी कंपनियां भारत में कारोबार समेट चुकी हैं, वे हैं- जनरल मोटर्स और हार्ले डेविडसन. मई 2017 में अमेरिका की जनरल मोटर्स ने भारत में अपनी बिक्री बंद करने का ऐलान किया था. साल 2020 के आखिर से कंपनी ने भारत में मैन्युफैक्चरिंग और यहां से एक्सपोर्ट भी बंद करने का फैसला किया. जनरल मोटर्स ने भारत में 1928 में परिचालन शुरू किया था. कंपनी कार, ट्रक और बस की असेंबलिंग करती थी, जो इसने 1954 में बंद कर दिया. जनरल मोटर्स ने जब भारत में कारोबार बंद किया था तो पैसेंजर कार बिक्री में उसकी हिस्सेदारी केवल एक फीसदी थी. जनरल मोटर्स, शेवरोले ब्रांड के जरिए कारों की बिक्री करती थी. अमेरिकी टूव्हीलर कंपनी हार्ले डेविडसन ने सितंबर 2020 में भारत में अपनी बिक्री व मैन्युफैक्चरिंग बंद की थी. कंपनी हाई एंड मोटरसाइकिलों की बिक्री करती है. कंपनी ने भारत में साल 2009 में प्रवेश ‎किया था, लेकिन 10 सालों के बाद भी उसकी पैठ अच्छी नहीं बन पाई. देश में कारोबार बंद करने की शुरुआत हार्ले डेविडसन ने अपनी डीलरशिप्स को कम खर्चे वाली जगहों पर शिफ्ट करने, कर्मचारियों की छंटनी और बावल प्लांट को बंद करने से की थी.

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