
भुवनेश्वर, 15 अगस्त . Odisha में बाढ़ के हालात अभी भी गंभीर बने हुए हैं. राज्य की कुछ प्रमुख नदियों में पानी का स्तर कम होने लगा है, लेकिन कई इलाके अभी भी जलमग्न हैं और हजारों लोग बाढ़ से प्रभावित हैं.
इस बीच कम दबाव के कारण हो रही लगातार बारिश से राज्य के कई हिस्सों में हालात खराब हैं, जिससे Saturday को कई जगहों पर जलभराव हो गया.
विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) के ऑफिस के तहत राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (एसईओसी) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, बाढ़ से छह जिले, 52 ब्लॉक, 227 ग्राम पंचायतें और 503 गांव प्रभावित हुए हैं, जिससे लगभग 2,70,212 लोग प्रभावित हुए हैं.
अधिकारियों ने बताया कि संबंधित जिला आपातकालीन संचालन केंद्रों (डीईओसी) के साथ मिलकर स्थिति पर बारीकी से नजर रखी जा रही है, जिसमें मयूरभंज, बालेश्वर, भद्रक, जाजपुर और केंदुझार पर खास ध्यान दिया जा रहा है.
एसईओसी की रिपोर्ट में कहा गया है, “आज तक 95,206 लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है और 226 शेल्टर होम में रखा गया है, जहां साफ-सुथरा और पका हुआ खाना, पीने का साफ पानी, साफ-सफाई, रोशनी और मेडिकल सुविधाएं जैसी जरूरी चीजें उपलब्ध कराई जा रही हैं.”
इसमें यह भी बताया गया है कि प्रभावित इलाकों में लोगों को सुरक्षित निकालने, बचाव, राहत और इमरजेंसी रिस्पॉन्स ऑपरेशन में मदद के लिए कुल 118 रिस्पॉन्स टीमें तैनात की गई हैं.
रिपोर्ट में आगे कहा गया है, “इनमें 36 Odisha आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ओडीआरएएफ) टीमें, 7 एनडीआरएफ टीमें, 35 फायर और इमरजेंसी सर्विस टीमें और 40 Police/सिविल डिफेंस/स्थानीय टीमें शामिल हैं. और भी रिस्पॉन्स टीमें स्टैंडबाय पर हैं और जरूरत पड़ने पर उन्हें तैनात किया जा रहा है ताकि कमजोर और प्रभावित इलाकों में लोगों को समय पर मदद मिल सके.”
एसईओसी के मुताबिक, इस समय स्वास्थ्य सेवाएं भी एक मुख्य प्राथमिकता बनी हुई हैं. प्रभावित इलाकों में 62 मेडिकल टीमें तैनात की गई हैं, और किसी भी जरूरत को पूरा करने के लिए दवाइयों, ओआरएस, IV फ्लूइड और एंटी-स्नेक वेनम (सांप के काटने की दवा) का पर्याप्त स्टॉक रखा गया है. साथ ही, 31 वेटेरिनरी टीमें/रैपिड रिस्पॉन्स टीमें तैनात की गई हैं और 22 वेटेरिनरी कैंप लगाए गए हैं.
अब तक 51 जानवरों का इलाज/टीकाकरण किया गया है, जबकि पशुधन और प्रभावित समुदायों की मदद के लिए 357.2 मीट्रिक टन पशु आहार उपलब्ध कराया गया है.
इसमें यह भी बताया गया कि रिस्पॉन्स टीमें और संबंधित विभाग चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि जरूरी राहत, चिकित्सा सहायता, पीने का पानी, भोजन और अन्य आवश्यक चीज़ें प्रभावित समुदायों तक बिना किसी देरी के पहुंचें.
एसआरसी ने कहा, “पूरी स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है, और सभी संबंधित प्रशासनों और विभागों को किसी भी नई जरूरत के लिए तैयार और तत्पर रहने का निर्देश दिया गया है. राज्य का समन्वित रिस्पॉन्स सिस्टम लोगों की जान बचाने, प्रभावित परिवारों की मदद करने और सभी के लिए सामान्य स्थिति में सुरक्षित और सुचारू वापसी सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है.”
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एएसएच/डीकेपी
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