
New Delhi, 31 मई . दक्षिण दिल्ली के साकेत मेट्रो स्टेशन के पास एक बहुमंजिला बिल्डिंग गिरने के मामले में घायल हुए लोगों का जेपीएनएटीसी ट्रॉमा सेंटर में इलाज चल रहा है.
मिली जानकारी के अनुसार, इस हादसे में कुल 13 मरीज ट्रॉमा सेंटर पहुंचे, जिनमें से पांच की मौत हो गई. इलाज के बाद तीन मरीजों को छुट्टी दे दी गई है, जबकि पांच मरीज अभी भी भर्ती हैं. सभी प्रभावित व्यक्ति छात्र थे. भर्ती मरीजों में दो मेडिकल ग्रेजुएट, दो गेट की तैयारी कर रहे छात्र और एक इंजीनियर शामिल हैं.
दूसरी ओर, Chief Minister रेखा गुप्ता ने Sunday को घटना स्थल का दौरा किया और राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया. उन्होंने मौके पर उपस्थित अधिकारियों से घटना की पूरी जानकारी ली और चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन की समीक्षा की.
उन्होंने राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), दिल्ली अग्निशमन सेवा, दिल्ली Police, जिला प्रशासन, दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए), सिविल डिफेंस और अन्य एजेंसियों द्वारा संयुक्त रूप से चलाए जा रहे राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी प्राप्त की. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बचाव अभियान में किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए और संभावित रूप से फंसे हर व्यक्ति की तलाश पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ की जाए.
सीएम रेखा गुप्ता ने विभिन्न अस्पतालों में भर्ती घायलों के स्वास्थ्य की जानकारी ली और अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी घायलों को निशुल्क और बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं. इसके बाद उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी.
Chief Minister ने कहा कि यह घटना बेहद दुखद और हृदयविदारक है. उन्होंने आश्वासन दिया कि इस कठिन समय में दिल्ली Government पूरी तरह प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है और पीड़ितों को हरसंभव आर्थिक तथा प्रशासनिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि नागरिकों की सुरक्षा दिल्ली Government की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
Chief Minister के निर्देश पर त्वरित कार्रवाई करते हुए मेहरौली थाने में आपराधिक मामला दर्ज कर लिया गया है. साथ ही, हादसे के वास्तविक कारणों और जवाबदेही तय करने के लिए दक्षिण जिला के जिलाधिकारी के नेतृत्व में मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए गए हैं.
Chief Minister रेखा गुप्ता ने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि भवन ध्वस्त होने के कारणों की विस्तृत जांच कराई जाए और अगर निर्माण संबंधी अनियमितता, सुरक्षा मानकों की अनदेखी या किसी प्रकार की प्रशासनिक लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सैदुलाजाब और आसपास के इलाकों में जर्जर, खतरनाक और अवैध भवनों का तत्काल सर्वे और निरीक्षण किया जाए. उन्होंने कहा कि जिन इमारतों से लोगों की सुरक्षा को खतरा है, उनके खिलाफ नियमों के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके.
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डीकेएम/डीकेपी
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