
वडोदरा, 13 अप्रैल . अधिकारियों ने बताया कि वडोदरा में रिंग रोड प्रोजेक्ट का पहला चरण पूरा हो गया है. यह एक अहम इंफ्रास्ट्रक्चर पहल है जिसका मकसद ट्रैफिक के बहाव और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना है.
इस प्रोजेक्ट की कुल अनुमानित लागत 1,500 करोड़ रुपए है, और इसे वडोदरा शहरी विकास प्राधिकरण (वीयूडीए) और वडोदरा नगर निगम (वीएमसी) द्वारा पांच चरणों में पूरा किया जा रहा है.
प्रस्तावित सड़क 75 मीटर चौड़ी है. दक्षिण Gujarat, उत्तर Gujarat, सौराष्ट्र और Mumbai -दिल्ली एक्सप्रेसवे के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए डिजाइन किया गया यह रिंग रोड कई राज्य राजमार्गों, एक्सप्रेसवे और राष्ट्रीय राजमार्ग-48 को भी जोड़ेगा.
इस प्रोजेक्ट की योजना Ahmedabad की सीईपीटी यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर बनाई गई है और इसे पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में बांटा गया है.
नगर आयुक्त अरुण महेश बाबू ने कहा कि पहले चरण के पूरा होने से शहर के भीतर ट्रैफिक मैनेजमेंट को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी.
उन्होंने कहा कि 27.5 किलोमीटर का पहला चरण लगभग 316 करोड़ रुपए की लागत से पूरा हो चुका है. अब हम दूसरे चरण का निर्माण शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं.
उन्होंने आगे कहा कि रिंग रोड को सर्विस रोड, हाई-टेक ड्रेनेज और लाइटिंग जैसी सुविधाओं के साथ बनाया गया है.
स्थानीय निवासियों ने कहा कि इस प्रोजेक्ट से भीड़ कम करने में मदद मिलेगी, खासकर भारी वाहनों को शहर की सड़कों से हटाकर.
वहां से गुजर रहे योगेश जोशी ने कहा कि शहर की सड़कों पर भारी वाहनों का दबाव कम होगा, और ट्रैफिक का आवागमन ज्यादा आसान होने की उम्मीद है.
एक और यात्री शकुंतला जोशी ने कहा कि इससे रोजाना के सफर में समय बचाने में मदद मिलेगी और ट्रैफिक जाम कम होंगे.
अधिकारियों ने कहा कि इस प्रोजेक्ट से वडोदरा में भीड़ कम होने की उम्मीद है, क्योंकि इससे गुजरने वाले ट्रैफिक को दूसरी तरफ मोड़ा जाएगा और कुल मिलाकर ट्रैफिक का बहाव बेहतर होगा.
एक बार पूरी तरह से संपन्न हो जाने पर, इससे आस-पास के क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विकास को भी बढ़ावा मिलने और लॉजिस्टिक्स तथा औद्योगिक केंद्रों के विकास में योगदान देने की संभावना है, जिससे इस क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिलेगी.
–
एमएस/
Skip to content