
Bengaluru, 29 जुलाई . कई सप्ताह की Political कवायद, लगातार बैठकों और मंत्रिमंडल में लंबे समय से खाली पड़े पदों के बाद कर्नाटक कैबिनेट विस्तार पर Wednesday को अंतिम फैसला होने की संभावना है. कांग्रेस हाईकमान आज New Delhi में बची हुई नामों पर अंतिम मुहर लगा सकता है. यदि सब कुछ तय हो जाता है, तो नए मंत्रियों का शपथ ग्रहण समारोह Thursday को आयोजित किया जा सकता है.
Chief Minister डीके शिवकुमार (जिन्होंने 3 जून को पदभार संभाला था) अब तक अधूरे मंत्रिमंडल के साथ Government चला रहे हैं. लेकिन विधायकों के बढ़ते दबाव और क्षेत्रीय, जातीय तथा महिला प्रतिनिधित्व की मांग को देखते हुए अब कैबिनेट विस्तार को अंतिम रूप दिए जाने की तैयारी है.
कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, Wednesday को New Delhi में पार्टी हाईकमान की अहम बैठक होगी. सरकारी सूत्रों का कहना है कि शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं. लोक भवन को आवश्यक इंतजाम करने के लिए मौखिक सूचना दे दी गई है. हालांकि अंतिम फैसला कांग्रेस नेतृत्व की मंजूरी के बाद ही होगा.
बताया जा रहा है कि दिन में बाद में राहुल गांधी की मौजूदगी में अंतिम दौर की चर्चा होगी. इसी बैठक में बचे हुए नामों पर फैसला लिया जाएगा.
सूत्रों के मुताबिक, Chief Minister डीके शिवकुमार चाहते हैं कि मंत्रिमंडल में बड़ी संख्या में पहली बार चुने गए विधायक और नए चेहरे शामिल किए जाएं. उन्होंने लगभग 75 प्रतिशत नए चेहरों को मौका देने का सुझाव दिया है. वहीं, कांग्रेस हाईकमान 60:40 के फार्मूले पर विचार कर रहा है, जिसमें नए और अनुभवी नेताओं के बीच संतुलन बनाया जाएगा.
दूसरी ओर, पूर्व Chief Minister सिद्दारमैया कई वरिष्ठ नेताओं को मंत्रिमंडल में बनाए रखने के पक्ष में बताए जा रहे हैं.
कैबिनेट विस्तार में जातीय और क्षेत्रीय संतुलन पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है. सूत्रों के अनुसार, आगामी चुनावों को देखते हुए दो नए उपChief Minister पद बनाए जाने पर भी गंभीरता से विचार किया जा रहा है. ये पद लिंगायत और अनुसूचित जनजाति समुदाय के नेताओं को दिए जा सकते हैं. फिलहाल जी. परमेश्वर, जो अनुसूचित जाति समुदाय से आते हैं, उपChief Minister के पद पर हैं.
Tuesday को एआईसीसी महासचिव केसी वेणुगोपाल की मौजूदगी में हुई बैठक में 14 मंत्री पदों पर सहमति बनने की खबर है. बाकी 6 नामों पर राहुल गांधी वरिष्ठ राज्य नेताओं से चर्चा के बाद अंतिम फैसला लेंगे.
मंत्रिमंडल में जगह पाने के लिए कई महिला विधायक भी सक्रिय हैं. इनमें लक्ष्मी हेब्बालकर, रूपकला, आरती कृष्णा, नयना मोटम्मा और कनीज फातिमा के नाम प्रमुख बताए जा रहे हैं.
वहीं, कांग्रेस के अंदरूनी समीकरण भी मंत्री चयन में अहम भूमिका निभा रहे हैं. सूत्रों के अनुसार, Chief Minister शिवकुमार छह बार के विधायक तनवीर सैत, वरिष्ठ कांग्रेस नेता सलीम अहमद और युवा विधायक रिजवान अरशद को मंत्री बनाने के पक्ष में हैं.
इस बीच, एआईसीसी महासचिव और कर्नाटक प्रभारी जमीर अहमद खान भी New Delhi में चल रही बैठकों का हिस्सा हैं. उन्हें हाल ही में रणदीप सिंह सुरजेवाला ने दिल्ली बुलाया था. जमीर अहमद खान पहले कह चुके हैं कि दावणगेरे उपचुनाव विवाद को लेकर उन्होंने कांग्रेस हाईकमान और राज्य नेतृत्व से माफी मांग ली है. उन पर कांग्रेस उम्मीदवार की हार की साजिश रचने के आरोप लगे थे.
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पीएम
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