नशीली दवाओं की समस्या से लड़ना भारत की सामूहिक लड़ाई है: देवेंद्र फडणवीस

Mumbai , 30 जुलाई . Maharashtra के Chief Minister देवेंद्र फडणवीस ने Thursday को हर नागरिक से ‘नशा मुक्त Mumbai ’, ‘नशा मुक्त Maharashtra’ और ‘नशा मुक्त भारत’ बनाने का सामूहिक संकल्प लेने का आह्वान किया.

एक कार्यक्रम में बोलते हुए Chief Minister ने इस बात पर जोर दिया कि नशीली दवाओं के खिलाफ लड़ाई सिर्फ कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं है, बल्कि देश के भविष्य से सीधे जुड़ी एक अहम कोशिश है. वे ‘नशा मुक्त Mumbai ’ पहल की शुरुआत करने के बाद बोल रहे थे.

विज्ञान, टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, अंतरिक्ष अनुसंधान और रक्षा के क्षेत्र में India की तेजी से होती प्रगति का जिक्र करते हुए सीएम फडणवीस ने चेतावनी दी कि देश के युवाओं को नशे की लत में फंसाकर देश को अंदर से कमजोर करने की एक खतरनाक साजिश चल रही है. इस गुप्त युद्ध में नशीली दवाओं को सबसे खतरनाक हथियार बताते हुए उन्होंने हर नागरिक से इस लड़ाई की जिम्मेदारी लेने का आग्रह किया.

उन्होंने कहा कि नशा मुक्त समाज बनाने के लिए Police, स्वास्थ्य सेवा प्रणाली, सामाजिक न्याय विभाग, स्कूली शिक्षा विभाग, माता-पिता, शिक्षक, छात्र और समाज के सभी वर्गों को मिलकर काम करना होगा. अवैध नशीली दवाओं के निर्माण, तस्करी और बिक्री में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. स्कूलों और कॉलेजों के आस-पास काम करने वाले सिंडिकेट को पूरी तरह से खत्म कर दिया जाएगा.

उन्होंने आगे कहा कि अगर छात्र ‘नशे को ना’ कहने का पक्का फैसला कर लें, तो कोई भी ताकत उन्हें नशे की लत में नहीं धकेल सकती. उन्होंने कहा कि राज्य Government अगले दो से चार सालों में ‘नशा-मुक्त Mumbai ’ बनाने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने छात्रों से नशीले पदार्थों के सेवन और तस्करी की घटनाओं की जानकारी देकर ‘समाज की आंख और कान’ की तरह काम करने की अपील की.

‘नशा-मुक्त कैंपस’ और ‘नशा-मुक्त स्कूल’ पहल को लागू करने में Government का पूरा सहयोग सुनिश्चित करने के लिए राज्य भर के सभी स्कूलों और कॉलेजों के प्रिंसिपलों और हेडमास्टरों को आधिकारिक सूचनाएं भेजी जाएंगी.

Chief Minister ने यह भी घोषणा की कि नशीले पदार्थों से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी देने वालों की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी और काम की जानकारी देने वाले लोगों को इनाम दिया जाएगा.

नशे की लत के शिकार युवाओं को ठीक करने और उन्हें मुख्यधारा में वापस लाने के Government के संकल्प को दोहराते हुए Chief Minister फडणवीस ने कहा कि अगर युवा 21 या 22 साल की उम्र तक नशे से दूर रहते हैं, तो उनके जीवन भर नशा-मुक्त रहने की संभावना काफी बढ़ जाती है. उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे प्रलोभनों में न पड़ें और नशे के इस्तेमाल को सख्ती से ठुकरा दें.

स्वामी विवेकानंद का हवाला देते हुए Chief Minister फडणवीस ने कहा कि युवाओं की ऊर्जा राष्ट्र-निर्माण के लिए जीवन देने वाली शक्ति होनी चाहिए, न कि विनाशकारी. छत्रपति शिवाजी महाराज और India रत्न डॉ. बीआर अंबेडकर के आदर्शों को याद करते हुए उन्होंने वहां मौजूद लोगों को नशा-मुक्त रहने की शपथ दिलाई और सभी से इस संकल्प को ठोस कार्रवाई में बदलने का आह्वान किया.

एमएस/