दतिया में भय और भ्रष्टाचार सबसे बड़ी समस्या, बदलाव चाहती है जनता : दामोदर सिंह यादव

दतिया, 3 जुलाई . India निर्वाचन आयोग द्वारा Madhya Pradesh की दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव की घोषणा के बाद Political सरगर्मियां तेज हो गई हैं. मतदान 30 जुलाई 2026 (Thursday ) को होगा. जैसे ही उपचुनाव की तारीख घोषित हुई, विभिन्न Political दलों ने अपनी-अपनी रणनीतियां तेज कर दी हैं. इसी क्रम में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के उम्मीदवार दामोदर सिंह यादव ने अपनी तैयारियों और चुनावी रणनीति को लेकर बड़ा दावा किया है.

दामोदर सिंह यादव ने से बातचीत के दौरान कहा, “दो तरह के छात्र होते हैं – एक वे जो सिर्फ परीक्षा से पहले पढ़ते हैं और दूसरे वे जो पूरे साल तैयारी करते हैं. हम दूसरी श्रेणी में आते हैं. आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) का हर कार्यकर्ता लंबे समय से लगातार लोगों के लिए संघर्ष कर रहा है. पिछले लगभग तीन महीनों से हमारी दतिया के ग्रामीण और शहरी इलाकों में जमीनी स्तर पर काम कर रही है.”

उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी की तैयारियां पूरी तरह से मजबूत हैं. सेक्टर और बूथ स्तर पर कार्यकर्ता तैनात किए जा चुके हैं और पोलिंग एजेंटों की व्यवस्था भी पूरी कर ली गई है. उन्होंने बताया कि वे स्वयं 100 से अधिक गांवों में जनसभाएं कर चुके हैं, जबकि दतिया शहर में भी लगातार सभाएं आयोजित की जा रही हैं. उनके अनुसार पार्टी पूरी मजबूती के साथ मैदान में है और इस उपचुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने का लक्ष्य लेकर चल रही है.

दतिया की मौजूदा स्थिति पर टिप्पणी करते हुए दामोदर सिंह यादव ने कहा कि क्षेत्र में इस समय सबसे बड़ी समस्या भय और भ्रष्टाचार की है. उन्होंने भाजपा नेता नरोत्तम मिश्रा पर निशाना साधते हुए कहा कि लगभग 18 वर्षों तक उनके प्रभाव के कारण क्षेत्र में भय का माहौल बना रहा. उन्होंने आरोप लगाया कि बिना पद के भी Political प्रभाव बनाए रखा गया, जिससे स्थानीय जनता पर दबाव की स्थिति बनी रही.

उन्होंने कहा कि अब जनता बदलाव चाहती है और ऐसे माहौल से बाहर निकलना चाहती है. उन्होंने नरोत्तम मिश्रा के हालिया बयानों का हवाला देते हुए कहा कि अब वह जनता से माफी मांगते फिर रहे हैं. यदि यह केवल एक वर्ष की गलती होती तो जनता माफ कर देती, लेकिन लंबे समय तक चले हालातों को देखते हुए अब जनता बदलाव के मूड में है.

दामोदर सिंह यादव ने अपनी चुनावी प्राथमिकताओं को भी स्पष्ट किया. उन्होंने कहा कि यदि उन्हें जनसमर्थन मिलता है तो उनकी पहली प्राथमिकता दतिया को भय और भ्रष्टाचार से मुक्त करना होगी. इसके साथ ही बेरोजगार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना, किसानों की समस्याओं का समाधान करना और मजदूरों व वंचित वर्गों के अधिकारों की रक्षा करना उनकी मुख्य योजनाओं में शामिल होगा.

पीआईएम