भारतीय सेना प्रमुख के नाम पर फैलाया जा रहा फर्जी वीडियो, पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा का हुआ भंडाफोड़

New Delhi, 1 जून . Pakistanी प्रोपेगेंडा social media अकाउंट्स द्वारा भारतीय थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी को लेकर एक फर्जी वीडियो social media पर वायरल किया जा रहा है. इस वीडियो में दावा किया गया कि सेना प्रमुख ने India और तालिबान के बीच संबंधों या बातचीत को लेकर बयान दिया है. हालांकि, प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) की फैक्ट चेक टीम ने इस दावे को पूरी तरह झूठा और भ्रामक बताया है.

पीआईबी फैक्ट चेक में यह स्पष्ट हो गया कि जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है. जांच में यह भी सामने आया है कि वायरल वीडियो को डिजिटल रूप से संपादित और छेड़छाड़ करके तैयार किया गया है. ऐसा इसलिए किया गया है ताकि सेना प्रमुख के नाम से गलत जानकारी फैलाई जा सके. जांच में पाया गया कि वीडियो में मौजूद कथित बयान वास्तविक नहीं है और उसे तकनीकी माध्यमों से वीडियो में जोड़कर पेश किया गया है.

फैक्ट चेक इकाई के अनुसार, यह वीडियो India विरोधी दुष्प्रचार अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य भारतीय सेना और सरकारी संस्थानों के बारे में भ्रम और अविश्वास फैलाना है. हाल के वर्षों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डीपफेक तकनीक के इस्तेमाल से ऐसे फर्जी वीडियो बनाना आसान हो गया है, जिसके कारण गलत सूचनाएं तेजी से फैल रही हैं.

पीआईबी ने लोगों से अपील की है कि social media पर प्रसारित होने वाले किसी भी वीडियो, फोटो या दावे को बिना सत्यापन के साझा न करें. विशेष रूप से राष्ट्रीय सुरक्षा, सेना और Government से जुड़े मामलों में केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा किया जाना चाहिए.

गौरतलब है कि पिछले दिनों social media पर Pakistan से जुड़े एक प्रोपेगेंडा हैंडल ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को लेकर भी झूठ परोसा था. Pakistanी प्रोपेगेंडा द्वारा यह वायरल किया जा रहा था कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी को India का समर्थन देने से संबंधित एक बयान दिया है. हालांकि जांच में यह Pakistanी प्रोपेगेंडा पूरी तरह झूठा व निराधार साबित हुआ है.

Government की फैक्ट चेक एजेंसी ने इस दावे को पूरी तरह फर्जी और मनगढ़ंत बताया. एजेंसी ने इस संबंध में जानकारी देते हुए स्पष्ट किया था कि रक्षा मंत्री ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है और social media पर फैलाया जा रहा दावा पूरी तरह भ्रामक है. Government ने नागरिकों से कहा कि यदि उन्हें India Government से संबंधित कोई संदिग्ध या भ्रामक सामग्री दिखाई देती है तो उसकी जानकारी पीआईबी फैक्ट चेक को दें. इसके लिए व्हाट्सएप नंबर 91 8799711259 और ईमेल आईडी पर शिकायत भेजी जा सकती है.

जीसीबी/एसके