मुंबई एयरपोर्ट के बाहर 62.5 लाख के नकली स्टांप पेपर बरामद, दो गिरफ्तार

Mumbai , 29 मई . Mumbai क्राइम ब्रांच की यूनिट-8 ने Mumbai घरेलू हवाई अड्डे के बाहर से दो लोगों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों के पास से 62.5 लाख रुपए से अधिक कीमत के नकली स्टांप पेपर बरामद किए गए हैं. Police का मानना है कि इस मामले के पीछे एक बड़ा रैकेट सक्रिय हो सकता है.

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बदलापुर निवासी रोहित जाधव (37) और कोपरखैराने निवासी नरेंद्र आहिरे (46) के रूप में हुई है.

Mumbai क्राइम ब्रांच के अनुसार, दोनों आरोपी नकली स्टांप पेपर किसी अन्य व्यक्ति तक पहुंचाने जा रहे थे. इसी दौरान क्राइम ब्रांच की टीम ने उन्हें एयरपोर्ट के बाहर रोककर जांच की. तलाशी के दौरान उनके पास से 251 नकली गैर-न्यायिक स्टांप पेपर बरामद किए गए. प्रत्येक स्टांप पेपर की कीमत 25 हजार रुपए बताई जा रही है. बरामद स्टांप पेपर की कुल कीमत करीब 62,50,500 रुपए आंकी गई है.

Police के मुताबिक, इन नकली स्टांप पेपर का इस्तेमाल विभिन्न गैर-न्यायिक कार्यों और लेनदेन में किए जाने की आशंका है.

जांच में सामने आया है कि नरेंद्र आहिरे इस पूरे रैकेट का मुख्य सरगना हो सकता है. Police के अनुसार, आहिरे ने ये नकली स्टांप पेपर रोहित जाधव को आगे सप्लाई करने के लिए दिए थे.

दोनों आरोपियों को एस्प्लेनेड कोर्ट में पेश किया गया, जहां अदालत ने उन्हें सात दिन की Police हिरासत में भेज दिया.

Mumbai क्राइम ब्रांच अब इस बात की जांच कर रही है कि नकली स्टांप पेपर कहां से तैयार किए गए, इन्हें किसे पहुंचाया जाना था और इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं.

इससे पहले, Mumbai क्राइम ब्रांच की एंटी-एक्सटॉर्शन सेल ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो विदेशी हथियार बेचने के लिए Mumbai पहुंचे थे. Police के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी Maharashtra के बाहर के रहने वाले हैं. उन्हें खुफिया जानकारी के आधार पर देर रात चलाए गए ऑपरेशन में पकड़ा गया.

अधिकारियों ने बताया कि उन्हें गुप्त सूचना मिली थी, इसके बाद Police ने जाल बिछाया और Friday रात करीब 10:45 बजे Police ने तीनों आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया.

Police ने आरोपियों के पास से तीन पिस्तौल, मैगजीन और 45 कारतूस बरामद किए हैं. अधिकारियों के अनुसार, हथियारों और कारतूसों पर ‘मेड इन चाइना’ लिखा हुआ था. जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि ये हथियार देश में किस रास्ते से लाए गए और इनकी असली सप्लाई कहां से हुई.

एएमटी/