
Lucknow, 20 जून . उत्तर प्रदेश के Chief Minister योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत उत्तर प्रदेश में नकली दवाओं, फिजिशियन सैंपल्स की अवैध बिक्री, सरकारी आपूर्ति की औषधियों की कालाबाजारी और एक्सपायर्ड दवाओं के कारोबार के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है.
एफएसडीए आयुक्त डॉ. रोशन जैकब के नेतृत्व में चलाए गए विशेष अभियान में आगरा में 3.63 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की नकली, एक्सपायर्ड, फिजिशियन सैंपल और सरकारी सप्लाई की दवाएं जब्त की गई हैं. अब तक 8 अवैध गोदाम सील किए जा चुके हैं तथा 6 First Information Report दर्ज कर कई आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है. एफएसडीए मुख्यालय Lucknow द्वारा गठित 25 औषधि निरीक्षकों की विशेष टीमों ने 22 से 24 मई तथा 12 से 14 जून 2026 के बीच आगरा में व्यापक प्रवर्तन अभियान चलाया.
अभियान के दौरान खत्री गली, फव्वारा, संजय प्लेस, कमला नगर, झूलेलाल मार्केट, दयालबाग सहित प्रमुख दवा व्यापार केंद्रों, गोदामों और आवासीय परिसरों की जांच की गई. इस दौरान 20 से अधिक दवा फर्मों, 12 गोदामों तथा कई संदिग्ध परिसरों की तलाशी ली गई. जांच में बड़े पैमाने पर फिजिशियन सैंपल्स, सरकारी अस्पतालों की दवाएं, डिफेंस सप्लाई, एक्सपायर्ड दवाएं तथा संदिग्ध नकली औषधियां बरामद हुईं. अभियान के दूसरे चरण को स्वयं एफएसडीए आयुक्त डॉ. रोशन जैकब ने लीड किया.
उन्होंने बताया कि प्रदेशवासियों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण औषधियां उपलब्ध कराना Government की सर्वोच्च प्राथमिकता है. पिछले दो सप्ताह में छह दिनों तक चले विशेष अभियान में 25 औषधि निरीक्षकों की टीमों ने व्यापक जांच की. आगरा में अब तक 3.63 करोड़ रुपए मूल्य की नकली, एक्सपायर्ड, फिजिशियन सैंपल और सरकारी आपूर्ति की दवाएं जब्त की जा चुकी हैं. 6 First Information Report दर्ज की गई हैं तथा आठ अवैध गोदाम सील किए गए हैं.
उन्होंने कहा कि दवा माफिया, नकली दवा नेटवर्क और जनस्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा. डॉ. रोशन जैकब ने बताया कि नकली दवाओं का नेटवर्क केवल उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार कई राज्यों से जुड़े हुए हैं, जहां से नकली और संदिग्ध दवाएं उत्तर प्रदेश में प्रवेश करती हैं. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा औषधि बाजार है, जहां थोक और खुदरा दवा वितरण का मजबूत नेटवर्क, बेहतर एक्सप्रेस-वे कनेक्टिविटी, दिल्ली से निकटता और विशाल उपभोक्ता आधार इसे अवैध कारोबारियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनाता है. आगरा इस पूरे नेटवर्क का एक प्रमुख ट्रांजिट और वितरण केंद्र बनकर उभरा है, जहां से दवाओं की खेप Lucknow, Kanpur समेत प्रदेश के अन्य बड़े बाजारों तक पहुंचती है. इसी कारण एफएसडीए पिछले कुछ समय से आगरा पर विशेष फोकस करते हुए सूचनाएं एकत्र कर रहा था और सुनियोजित रणनीति के तहत यह व्यापक अभियान चलाया गया.
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विकेटी/एमएस
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