
New Delhi, 5 जुलाई . विदेश मंत्रालय (एमईए) ने social media और विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म पर फैलाए जा रहे भ्रामक दावों के खतरे से लोगों को सतर्क किया है. ‘एमईए फैक्ट चेक’ के जरिए लोगों को सत्यापित और प्रमाणिक जानकारी उपलब्ध कराने की कोशिश की है. मंत्रालय ने बताया कि हाल ही में एमईए का नाम ले फैलाई जा रही खबरें पूरी तरह से गलत और फर्जी हैं. लोगों को इन दावों के झांसे में न आने की सलाह दी है.
social media प्लेटफॉर्म्स के जरिए आम लोगों को आगाह किया गया. मंत्रालय ने एक्स पर इसे लेकर एक बयान भी जारी किया. कहा कि उसके संज्ञान में आया है कि कुछ लोग social media पर यह दावा कर रहे हैं कि वे “व्यापार, प्रवासन (माइग्रेशन) और अन्य नीतिगत मामलों में विदेश मंत्रालय को सलाह देते हैं.” इसके अलावा, ये लोग विदेश मंत्रालय के साथ काम करने के तरीके बताने के नाम पर “पैसे लेकर सलाह और सत्र (पेड एडवाइस/सेशन)” भी ऑफर कर रहे हैं.
विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया, “इन व्यक्तियों का मंत्रालय से कोई संबंध नहीं है. लोगों से अपील है कि वे ऐसे भ्रामक और फर्जी social media पोस्ट से सावधान रहें और इनके झांसे में न आएं.”
हाल ही में बीजिंग को लेकर इसी तरह की गलत बयानी की गई थी, जिसमें कहा गया था कि किसी मीम को लेकर चीन ने भारतीय राजदूत को तलब किया है, जिसका त्वरित संज्ञान लेते हुए एमईए फैक्ट चेक ने जवाब दिया. बताया गया कि ये खबर बेबुनियाद है और ऐसा कुछ भी नहीं हुआ है.
इससे पहले कैलाश मानसरोवर यात्रा को लेकर ही भ्रम फैलाया गया था. ये मामला फर्जी विज्ञापन से जुड़ा था. विदेश मंत्रालय ने कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को फर्जी घोषणाओं और ऑनलाइन विज्ञापनों से सतर्क रहने की सलाह दी थी.
मंत्रालय ने कहा कि उसके संज्ञान में आया है कि विदेश मंत्रालय द्वारा आयोजित कैलाश मानसरोवर यात्रा के नाम पर इंटरनेट और social media पर फर्जी घोषणाएं और विज्ञापन प्रसारित किए जा रहे हैं. लोगों से अपील की गई है कि वे ऐसे भ्रामक दावों के चंगुल में न फंसें.
विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि केएमवाई डॉट कॉम ही मंत्रालय द्वारा आयोजित कैलाश मानसरोवर यात्रा का एकमात्र आधिकारिक पोर्टल है. सलाह दी गई कि यात्रा से जुड़ी जानकारी, आवेदन और अन्य सभी सेवाओं के लिए केवल इसी वेबसाइट का उपयोग करें.
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केआर/
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