
New Delhi, 17 अप्रैल . विदेश मंत्री और राज्यसभा सांसद एस. जयशंकर ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के Lok Sabha में पारित न होने पर विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि आज देश ने इन दलों का असली चेहरा देख लिया है.
जयशंकर ने आरोप लगाया कि Lok Sabha और राज्य विधानसभाओं में एक-तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने वाले संविधान संशोधन को रोककर विपक्ष ने महिलाओं के वैध अधिकारों से उन्हें वंचित किया है.
उन्होंने कहा कि आज देश की महिलाएं और पूरा राष्ट्र इस घटनाक्रम को देख रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि ‘नारी शक्ति’ का जो अपमान आज हुआ है, उसे कभी माफ नहीं किया जाएगा.
बता दें कि Lok Sabha में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 के जरूरी दो-तिहाई बहुमत से पारित नहीं हो पाया. Friday को हुए मतदान में 528 सदस्यों में से 298 ने विधेयक के पक्ष में और 230 ने विरोध में मतदान किया, लेकिन यह दो-तिहाई बहुमत से पारित नहीं हो सका और Government को लगभग 54 वोटों की कमी रह गई.
Friday को संसद में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के फ्लोर लीडर्स की एक अहम बैठक हुई. जानकारी के मुताबिक, इस बैठक में तय किया गया कि एनडीए के घटक दल संसद में विपक्ष के महिला सशक्तिकरण के विरोध के मुद्दे को प्रमुखता से उठाएंगे.
Government ने तीन दिवसीय विशेष सत्र बुलाया था, जिसमें संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026, केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 और परिसीमन विधेयक, 2026 पर चर्चा और प्रस्तुति की गई.
विपक्ष ने महिलाओं के आरक्षण को परिसीमन से जोड़ने का विरोध किया.
Prime Minister Narendra Modi ने Thursday को सदन में महिलाओं के सशक्तिकरण से जुड़े इस विधेयक का समर्थन करने की अपील की थी, जबकि गृह मंत्री अमित शाह ने यह भी कहा था कि दक्षिणी राज्यों को अपनी मौजूदा सीटों के अनुपात में किसी तरह की हानि नहीं होगी.
हालांकि, विपक्ष अपने रुख पर अडिग रहा. रिजिजू ने कहा कि विपक्ष ने महिलाओं को सशक्त करने का एक ऐतिहासिक अवसर खो दिया है.
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एएमटी/डीकेपी
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