हमने पटाखे प्र‎तिबंध पर जो आदेश पारित ‎किया, उसका प्रत्येक राज्य पालन करें: सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली (New Delhi) ( य). प्रतिबंधित पटाखों के बाजार में बिकने के मामले को सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) ने गंभीरता से लिया है. सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) ने कहा कि ग्रीन पटाखे की आड़ में पटाखा निर्माताओं की तरफ से प्रतिबंधित केमिकल का इस्तेमाल किया जा रहा है. सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) ने कहा कि हमारे आदेश का पालन किया जाना चाहिए. पटाखे बाजार में खुलेआम बेचे जा रहे हैं और लोग इसका इस्तेमाल कर रहे हैं. हम जानना चाहते हैं कि अगर प्रतिबंध है तो वे बाजारों में कैसे उपलब्ध हैं? हमने पटाखे बैन पर जो आदेश पारित कर रखा है उसका प्रत्येक राज्य पालन करें. बेंच ने कहा कि उत्सव मनाने का मतलब यह नहीं है कि ऊंचे आवाज वाले पटाखे चलाए जाएं. उत्सव फुलझड़ी चलाकर या बिना शोर के भी हो सकता है. दरअसल, सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) ने तीन नवजात शिशुओं की ओर से उनके पैरंट्स की अर्जी पर यह फैसला दिया है. 24 नवंबर 2015 को पैरंट्स ने प्रदूषण के कारण इन शिशुओं के ब्रेन का विकास न होने की दलील देते हुए पूरे देश में पटाखे बैन करने की याचिका दी थी. तय लिमिट में आवाज और धुएं वाले पटाखों को ही कोर्ट ने ग्रीन यानी इकोफ्रेंडली माना है, जिनमें नाइट्रोजन ऑक्साइड और सल्फर डाइऑक्साइड की कम मात्रा ही इस्तेमाल होती है.
कोर्ट ने कहा कि ग्रीन पटाखों को पेट्रोलियम ऐंड एक्सप्लोसिव सेफ्टी ऑर्गनाइजेशन यानी पेसो से पास कराना होगा. लड़ियों और सांप की टिकिया पर रोक लगा दी गई है. आर्सेनिक, लिथियम, लेड, मरकरी, बेरियम और ऐल्युमिनियम वाले पटाखे बैन होंगे. पटाखों को केवल लाइसेंस पाए ट्रेडर्स ही बना और बेच सकते हैं. ऑनलाइन बिक्री नहीं हो सकती. जॉइंट क्रैकर पर बैन के बावजूद जब भी कोई उत्सव होता है तो ऐसे पटाखे मार्केट में उपलब्ध हो जाते हैं. जब इसे बैन किया गया है तो फिर कैसे मार्केट में उपलब्ध कैसे हो रहा है. सुनवाई के दौरान पटाखा बनाने वालों के असोसिएशन की ओर से पेश वकील दुष्यंत दवे ने कहा कि इंडस्ट्रीज सरकार के प्रोटोकॉल के हिसाब से काम करती है. यह एक संगठित क्षेत्र है और पांच लाख परिवार इस इंडस्ट्रीज पर निर्भर हैं. जहां तक शिवकासी का सवाल है तो वहां तमाम एहतियात बरते जा रहे हैं.

सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) ने कहा कि मुख्य समस्या अदालत के आदेश के अमल का है. पटाखा निर्माताओं के जवाब बेहद आश्चर्यजनक हैं. जब उनके बारे में पाया गया कि उन्होंने बेरियम साल्ट बड़ी मात्रा में खरीदे हैं तो उन्होंने कहा कि यह सब गोदाम में रखने के लिए है. वह पटाखे निर्माण में इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं. अदालत ने कहा कि यह बेरियम सॉल्ट कोई शो की चीज नहीं है कि कोई गोदाम में रखें. इस दौरान कोर्ट को बताया गया कि अगर एक या दो इंडस्ट्रीज सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) के आदेश का उल्लंघन कर रही हैं तो इस एवज में सभी को सफर नहीं कराया जाना चाहिए. सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) ने मामले में CBI रिपोर्ट पर तमाम पक्षकारों के जवाब की कॉपी आपस में एक दूसरे को देने को कहा है और सुनवाई 26 अक्टूबर के लिए टाल दी है. 23 अक्टूबर 2018 को सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) ने पटाखे बनाने, बेचने और उन्हें फोड़ने पर पूरी तरह बैन लगाने से इनकार किया था, लेकिन पूरे देश में पटाखों के इस्तेमाल के लिए कड़ी शर्तें लगाईं थीं.
 

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