हर गाने की अपनी टाइमलाइन, कुछ हिट होने में साल लग जाते हैं : अमाल मलिक

Mumbai , 8 अगस्त . इमरान हाशमी की आने वाली फिल्म ‘आवारापन 2’ के गाने ‘ये आवारापन’ को कंपोज करने वाले म्यूजिक कंपोजर अमाल मलिक ने बताया कि वे कैसे उन गानों के साथ डील करते हैं जो रिलीज के समय तो नहीं चले, लेकिन वर्षों बाद बहुत बड़े हिट बन गए.

म्यूजिक कंपोजर ने Mumbai के बीकेसी इलाके में फिल्म के प्रमोशन के दौरान से ​​बात की और कहा कि उनके कई ऐसे गाने हैं जिनका सफर बहुत मुश्किलों भरा रहा है.

उन्होंने से ​​कहा, “मेरे पास ऐसे कई गाने हैं. मेरा मानना ​​है कि हर गाने की अपनी एक टाइमलाइन होती है. किस्मत भी होती है. यह मूड, एनर्जी और इस बात पर भी निर्भर करता है कि आप इसे किसके साथ बना रहे हैं. अगर सबकी एनर्जी अच्छी हो, तो गाने भी शानदार बनते हैं. कभी-कभी आप बहुत अच्छा गाना बनाते हैं, लेकिन यह फिल्म और हीरो पर भी निर्भर करता है. हमारे देश में म्यूजिक एक विजुअल मीडियम है. लोग पहले गाने देखते हैं, फिर सुनते हैं. इसलिए यह मायने रखता है कि गाना किस चेहरे पर फिल्माया गया है और उसकी मार्केटिंग कैसी हुई है.”

अमाल मलिक ने कहा कि आज के दौर में सिर्फ अच्छा म्यूजिक ही काफी नहीं है, क्योंकि इसके लिए मार्केटिंग की ताकत, लोगों की सोच और सही पोजिशनिंग जैसे कई और फैक्टर भी जरूरी हैं.

उन्होंने कहा, “आज ऐसा समय नहीं है कि आपने बहुत अच्छा गाना बनाया और वह तुरंत देखा जाने लगेगा. हो सकता है कि वह धीरे-धीरे देखा जाए, लेकिन अगर आप तुरंत कामयाबी चाहते हैं जैसे कल ही 100 मिलियन व्यूज या 5 लाख रील्स बन जाएं तो ऐसा हर गाने के साथ नहीं हो सकता. कुछ गाने रील्स पर चलते हैं, कुछ स्ट्रीमिंग पर और कुछ तो सारे नियमों को तोड़कर हिट हो जाते हैं लेकिन गाने को सही पोजिशनिंग देनी पड़ती है.”

उन्होंने कहा, “दर्शकों के पास देखने के लिए इतना सारा कंटेंट है. आप ईमानदारी से ही उस भीड़ से अलग दिख सकते हैं. मैं हर बार यही करता हूं. कभी गाने चल जाते हैं तो कभी नहीं और जब ऐसा नहीं होता तो मुझे दो दिन तक बुरा लगता है. आप सोचते रहते हैं कि शायद इसकी वजह से या उसकी वजह से ऐसा हुआ लेकिन अगर आप ज्यादा सोचेंगे तो आगे नहीं बढ़ पाएंगे. इसलिए मैं अगले गाने पर काम करने लगता हूं.”

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