
तेल अवीव, 18 जून . अमेरिका-ईरान डील में लेबनान का भी जिक्र है. President पेजेश्कियन ने जो ऐतिहासिक दस्तावेज सोशल प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया उसमें स्पष्ट लिखा है कि सभी मोर्चों पर (इसमें लेबनान भी शामिल है) सैन्य कार्रवाई नहीं होगी. बावजूद इसके, इजरायल डिफेंस फोर्सेस यानी आई़डीएफ ने स्पष्ट कह दिया है कि वो लेबनान से पीछे नहीं हटेंगे.
आईडीएफ ने दक्षिणी लेबनान में अपनी तैनाती का अपडेटेड नक्शा जारी किया है और साफ किया है कि फिलहाल वहां से सैनिक नहीं हटाए जाएंगे. इसमें दक्षिणी लेबनान में बनाए गए अपने सुरक्षा क्षेत्र को दिखाया है.
आईडीएफ के मुताबिक, उसकी सुरक्षा तैनाती सीमा से लेकर लेबनान के अंदर करीब 10 किलोमीटर तक पूर्व से पश्चिम तक फैली हुई है. सेना ने कहा कि उसके जवान तय किए गए इलाकों में मौजूद रहेंगे और इजरायल के उत्तरी हिस्से के लोगों की सुरक्षा के लिए संभावित खतरों को खत्म करने का काम जारी रखेंगे.
नए नक्शे से यह भी पता चलता है कि अप्रैल में घोषित ‘फॉरवर्ड डिफेंस लाइन’ के मुकाबले इजरायली सेना अब लेबनान के अंदर और आगे बढ़ चुकी है. इसमें नबातिह के आसपास का इलाका भी शामिल है.
आई़डीएफ ने यह भी कहा कि वह “ऑपरेशनल जरूरतों” के तहत इस क्षेत्र को अपने नियंत्रण में रखेगा, ताकि सैनिकों और उत्तरी इज़राइल की सीमा बस्तियों को किसी भी खतरे से बचाया जा सके.
साथ ही, सेना ने लेबनानी सेना से अपील की है कि वह इस सुरक्षा क्षेत्र के पास अपनी गतिविधियों का समन्वय करे और बिना समन्वय के इस इलाके में प्रवेश न करे, क्योंकि वहां सैन्य अभियान अभी जारी हैं.
बता दें कि पैलेस ऑफ वर्साय में ट्रंप के दस्तखत किए एमओयू के पहले बिंदू में ही लेबनान का जिक्र है. लिखा है कि दोनों देश और उनके सहयोगी तुरंत युद्ध रोकेंगे और आगे एक-दूसरे के खिलाफ सैन्य कार्रवाई नहीं करेंगे. साथ ही लेबनान समेत सभी मोर्चों पर लड़ाई खत्म होगी.
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केआर/
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