
New Delhi, 13 अप्रैल . राज्यसभा के नए उपसभापति का चुनाव Friday 17 अप्रैल को होगा. सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) द्वारा हरिवंश को एक और कार्यकाल के लिए फिर से उम्मीदवार बनाए जाने की संभावना है.
विपक्ष की तरफ से भी एक संयुक्त उम्मीदवार उतारा जा सकता है.
यह पद 9 अप्रैल को हरिवंश का कार्यकाल समाप्त होने के बाद खाली हो गया था. इसके बाद President द्रौपदी मुर्मु ने उन्हें उच्च सदन का सदस्य नामित किया, क्योंकि पूर्व मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई के सेवानिवृत्त होने से एक सीट खाली हुई थी. हरिवंश ने 10 अप्रैल को शपथ ली.
उपसभापति राज्यसभा की कार्यवाही की अध्यक्षता करते हैं, जब सभापति (जो India के उपPresident होते हैं) अनुपस्थित होते हैं.
परंपरागत रूप से इस पद पर निष्पक्षता बनाए रखते हुए बहस का संचालन करना और सदन की कार्यवाही को सुचारु रूप से चलाना जरूरी होता है.
चुनाव प्रक्रिया की अध्यक्षता सभापति करते हैं, जो उपPresident होते हैं.
उच्च सदन के उपसभापति चुने जाने के लिए उम्मीदवार को उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों का साधारण बहुमत प्राप्त करना होता है.
संसदीय बुलेटिन के अनुसार, चुनाव सुबह 11 बजे शुरू होगा.
इसी बीच, संसद का तीन दिवसीय विशेष सत्र 16 अप्रैल से बुलाया गया है, जिसमें नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 और परिसीमन विधेयक पर चर्चा और पारित किया जाएगा, ताकि महिला विधायकों के लिए एक-तिहाई आरक्षण लागू किया जा सके.
परिसीमन के बाद Lok Sabha की सीटों की संख्या 543 से बढ़कर 816 हो सकती है.
कोविड महामारी और उसके बाद की स्थिति के कारण जनगणना में देरी हुई, जो मूल रूप से 2021 में होनी थी. अब केंद्र Government परिसीमन और महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण लागू करने के लिए 2011 की जनगणना के आंकड़ों का उपयोग करने की योजना बना रही है.
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ने अपने उम्मीदवार के समर्थन के लिए विभिन्न दलों के नेताओं से संपर्क भी शुरू कर दिया है.
हालांकि, विपक्षी दल अपने उम्मीदवार को मैदान में उतार सकते हैं, जिससे सहमति की बजाय मुकाबला होने के संकेत मिल रहे हैं.
तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओ’ब्रायन ने चुनाव के समय पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह 23 अप्रैल को तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल (23 और 29 अप्रैल) के चुनावों के बीच हो रहा है.
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एएमटी/एमएस
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