राजस्थान में एचपीसीएल पाइपलाइन से कच्चा तेल चुराने के आरोप में आठ लोग गिरफ्तार

jaipur, 12 अगस्त . Gujarat एंटी-टेररिस्ट स्क्वाड (एटीएस) ने Rajasthan Police के साथ मिलकर एक अंतर-राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है. यह गिरोह बालोतरा जिले की पचपदरा तहसील से गुजरने वाली एचपीसीएल पाइपलाइन से कच्चा तेल चोरी करने में शामिल बताया जा रहा है. इस मामले में आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

Gujarat एटीएस के अनुसार, इस गिरोह ने कथित तौर पर कलुडी गांव के पास बंजर जमीन में एक गहरा गड्ढा खोदकर एक वॉल्व लगाकर और गैरकानूनी तरीके से पाइपलाइन से कनेक्शन जोड़कर कच्चा तेल चुराने के लिए पाइपलाइन में सेंध लगाई.

पूछताछ के दौरान आरोपी ने कथित तौर पर एक हफ्ते के अंदर कच्चे तेल के दो टैंकर जिनमें से हर एक की क्षमता 10 टन थी. चोरों ने दोनों टैंकरों से तेल चुराने और चोरी का तेल बेचने की बात कबूल की.

खबरों के मुताबिक, Gujarat एटीएस को जानकारी मिली थी कि Gujarat और Rajasthan के कुछ लोग मिलकर एचपीसीएल पाइपलाइन से कच्चा तेल चुरा रहे थे और उसे Ahmedabad-राजकोट हाईवे पर बेच रहे थे. जानकारी की पुष्टि करने के बाद एटीएस की टीम ने Ahmedabad-राजकोट हाईवे पर कुवाडवा के पास सोखडा गांव जाने वाली सड़क पर जयराज सिंह को हिरासत में ले लिया.

पूछताछ के दौरान, उसने कथित तौर पर बताया कि उसके पास मौजूद कच्चा तेल बालोतरा जिले के कलुडी गांव से लाया गया था. इसके बाद एटीएस ने Rajasthan Police के साथ मिलकर बालोतरा के पास टापरा गांव के पास सड़क किनारे बने एक ढाबे से गिरोह के सात अन्य सदस्यों को हिरासत में लिया.

आरोपियों को पूछताछ के लिए जसोल Police स्टेशन ले जाया गया. पूछताछ के दौरान उन्होंने कथित तौर पर एचपीसीएल की कच्चा तेल ले जाने वाली पाइपलाइन से गैरकानूनी तरीके से तेल निकालने की बात कबूल की.

जांचकर्ताओं के अनुसार, गिरोह ने कलुडी गांव के पास बंजर जमीन पर एक गहरा गड्ढा खोदा और कच्चा तेल निकालने के लिए पाइपलाइन पर एक वॉल्व लगाया.

गिरफ़्तारियों के बाद एचपीसीएल अधिकारियों को सूचित किया गया. खबरों के अनुसार, एचपीसीएल कर्मचारियों और Rajasthan Police की संयुक्त जांच में पाइपलाइन से जुड़े एक अवैध वॉल्व के लगे होने की पुष्टि हुई. रिफाइनरी में सिक्योरिटी सुपरवाइजर श्रवण कुमार जाट (24) की शिकायत के आधार पर जसोल Police स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है.

First Information Report के अनुसार, यह घटना 9 अगस्त को हुई और 10 अगस्त की रात को सामने आई. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान घनश्याम सोनी (54) गांव नागलपुर, जिला मेहसाणा, Gujarat, रमेश ठाकोर (41) चलासन, गुजरा, महेश ठाकोर (32) चलासन, Gujarat; सुरेजी ठाकोर (32) – जोताना, Gujarat, जयसिंह चुडासमा (34) – धोराजी, राजकोट जिला, Gujarat, मुकेश कुमार मेघवाल (44) – मूलतः Rajasthan के जालोर जिले के जसवन्तपुरा के रहने वाले हैं, वर्तमान में Ahmedabad में रहते हैं. रणजीत चौरसिया (48) – कलोल, गांधीनगर जिला, Gujarat; दिलीप यादव (35) आसपुर, इटावा (यूपी).

जांच करने वालों ने बताया कि चोरी किया गया कच्चा तेल कथित तौर पर Rajasthan के ब्यावर के रहने वाले गोविंद सिंह चौहान को बेचा गया था. चोरी हुए तेल की मात्रा इससे जुड़े पैसों के लेनदेन और इस नेटवर्क में दूसरे लोगों की संभावित भूमिका का पता लगाने के लिए आगे की जांच चल रही है.

एटीएस सूत्रों के अनुसार, गिरोह के सदस्यों ने कथित तौर पर चोरी को अंजाम देने से पहले करीब छह महीने तक पाइपलाइन की रेकी की थी. कथित मुख्य आरोपी घनश्याम सोनी पाइपलाइन और आसपास के इलाके का सर्वे करते समय जालोर जिले के जसवंतपुरा के रहने वाले मुकेश मेघवाल के घर पर रुका था.

जांचकर्ताओं ने बताया कि रेकी के बाद, रंजीत, रमेश, सुरेजी, महेश और दिलीप यादव टपरा गांव के पास सड़क किनारे एक ढाबे पर करीब एक महीने तक रुके.

Police और एटीएस अब इस गैंग के बड़े नेटवर्क, चोरी किए गए कच्चे तेल को ठिकाने लगाने और एचपीसीएल पाइपलाइन के दूसरे हिस्सों पर भी ऐसी ही कोशिशें की गई थीं या नहीं, इन बातों की जांच कर रहे हैं.

एसएचके/पीएम