तमिलनाडु पॉलीटेक्निक लेक्चरर भर्ती घोटाले में ईडी की बड़ी कार्रवाई, 18 ठिकानों पर छापेमारी

चेन्नई, 23 जून . Enforcement Directorate (ईडी) ने Tuesday को तमिलनाडु में कथित टीचर्स रिक्रूटमेंट बोर्ड (टीआरबी) पॉलीटेक्निक लेक्चरर भर्ती घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के तहत राज्यभर में 18 स्थानों पर छापेमारी की.

ईडी की यह कार्रवाई चेन्नई, तिरुचिरापल्ली, कोयंबटूर और मदुरै में की गई. जांच एजेंसी को आरोप मिले हैं कि सरकारी पॉलीटेक्निक कॉलेजों में लेक्चरर पदों पर नियुक्ति दिलाने के लिए बड़े पैमाने पर धन का लेन-देन हुआ था.

यह मामला वर्ष 2017 में चेन्नई सिटी सेंट्रल क्राइम ब्रांच (सीसीबी) द्वारा दर्ज First Information Report और 2021 में दाखिल चार्जशीट पर आधारित है. जांच 1,058 लेक्चररों की भर्ती के लिए आयोजित टीआरबी परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़ी है.

जांचकर्ताओं के अनुसार, New Delhi स्थित एक निजी एजेंसी के कुछ कर्मचारियों ने ऑप्टिकल मार्क रिकग्निशन (ओएमआर) उत्तर पुस्तिकाओं और परीक्षा डेटा में कथित तौर पर हेरफेर किया, जिससे कुछ अभ्यर्थियों को धोखाधड़ी के जरिए चयनित कराया गया.

सीसीबी की जांच में चयन प्रक्रिया में व्यापक अनियमितताओं का खुलासा हुआ था. मामले में 150 से अधिक लोगों को नामजद किया गया था, जबकि करीब 196 अभ्यर्थियों पर कथित रूप से इस हेरफेर का लाभ लेने का संदेह जताया गया था.

जांच एजेंसियों का आरोप है कि कुछ अभ्यर्थियों ने लेक्चरर पद पर चयन सुनिश्चित करने के लिए बिचौलियों को 25 लाख से 30 लाख रुपये तक का भुगतान किया था.

अपराध शाखा की जांच के दौरान कई गिरफ्तारियां और छापेमारी भी की गई थीं. उसी जांच में जुटाए गए सबूतों के आधार पर ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत मामला दर्ज कर कथित अवैध कमाई और उससे जुड़े धन के प्रवाह की जांच शुरू की.

अधिकारियों के अनुसार, मौजूदा छापेमारी का उद्देश्य वित्तीय रिकॉर्ड, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य दस्तावेज जुटाना है, ताकि धन के लेन-देन की पूरी श्रृंखला का पता लगाया जा सके और कथित लाभार्थियों की पहचान की जा सके.

तमिलनाडु में हाल के वर्षों में भर्ती घोटालों, कथित कैश-फॉर-जॉब्स रैकेट, अवैध रेत खनन, टीएएसएमएसी से जुड़ी वित्तीय अनियमितताओं और अन्य भ्रष्टाचार मामलों में ईडी लगातार कार्रवाई कर रही है.

Tuesday देर शाम तक कई स्थानों पर तलाशी अभियान जारी था. अधिकारियों का कहना है कि छापेमारी के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

डीएससी