फर्जी डिग्री और शैक्षणिक दस्तावेज मामले में ईडी की बड़ी कार्रवाई, 25.44 करोड़ रुपए की संपत्ति अटैच

Lucknow, 20 जुलाई . Enforcement Directorate Lucknow जोनल कार्यालय ने फर्जी डिग्री और जाली शैक्षणिक दस्तावेजों के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 25.44 करोड़ रुपए की चल और अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया है. यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम 2002 के तहत 20 जुलाई को जारी प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर के माध्यम से की गई है.

अटैच की गई संपत्तियों में एक फार्महाउस, कई फ्लैट और वाहन शामिल हैं. ये संपत्तियां आरोपियों और उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर दर्ज हैं.

ईडी ने यह जांच उत्तर प्रदेश एसटीएफ द्वारा दर्ज First Information Report के आधार पर शुरू की थी. यूपी एसटीएफ ने अपनी जांच में हापुड़ स्थित मोनाड यूनिवर्सिटी के नाम पर चल रहे फर्जी डिग्री और शैक्षणिक दस्तावेजों के एक बड़े गिरोह का खुलासा किया था.

जांच में सामने आया कि यह गिरोह फर्जी मार्कशीट, डिग्री, प्रोविजनल सर्टिफिकेट, माइग्रेशन सर्टिफिकेट और अन्य शैक्षणिक दस्तावेज तैयार करने, बेचने और उनकी फर्जी पुष्टि कराने का काम करता था.

यूपी एसटीएफ ने 11 अगस्त 2025 को 11 आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत चार्जशीट दाखिल की थी.

ईडी की जांच में पता चला कि मोनाड यूनिवर्सिटी के चेयरमैन विजेंद्र सिंह हुड्डा ने संदीप सहरावत और अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर यूनिवर्सिटी के नाम, आधिकारिक संसाधनों और व्यवस्थाओं का गलत इस्तेमाल किया.

आरोप है कि यूनिवर्सिटी के नाम पर फर्जी मार्कशीट, डिग्री, चरित्र प्रमाण पत्र और छात्रों के रिकॉर्ड की फर्जी पुष्टि तैयार की गई और इन्हें पैसे लेकर छात्रों को बेचा गया.

जांच में अब तक 1,800 से ज्यादा छात्रों से जुड़े रिकॉर्ड मिले हैं, जिन्हें कथित तौर पर फर्जी मार्कशीट, डिग्री और अन्य शैक्षणिक दस्तावेज उपलब्ध कराए गए थे.

ईडी के अनुसार, आरोपियों ने फर्जी मार्कशीट और डिग्री बेचकर करीब 37.66 करोड़ रुपए की अपराध से अर्जित आय जुटाई. इस रकम का एक बड़ा हिस्सा नगद में लिया गया और बाद में उसका इस्तेमाल कर दिया गया.

अपराध से अर्जित आय का एक महत्वपूर्ण हिस्सा आरोपियों के बैंक खातों में मिला है. जांच में पता चला कि इस रकम को कई बैंक खातों और लेन-देन के जरिए छिपाने और घुमाने की कोशिश की गई.

जांच के दौरान ईडी ने कई स्थानों पर तलाशी अभियान भी चलाया. इस दौरान फर्जी मार्कशीट, फर्जी डिग्री और फर्जी दस्तावेजों के सत्यापन से जुड़े आवेदन समेत कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए.

एएमटी/