
Bengaluru, 21 जुलाई . आईएसआईएस में भर्ती से जुड़ी एनआईए की First Information Report पर ईडी की ओर से ईसीआईआर के तहत जांच शुरू की गई है. ईडी की ओर से Bengaluru में मौजूद ‘इकरा वेलफेयर ट्रस्ट,’ ‘गाइडेंस फॉर मैनकाइंड,’ और अन्य लोगों से जुड़ी 8 जगहों पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है.
ईडी के अनुसार, एनआईए की First Information Report , यूएपीए की धारा 17 (आतंक के लिए फंड जुटाना), 18 (आतंकवाद के लिए तैयारी करना) और 18बी (आतंक के लिए लोगों की भर्ती) के उल्लंघन के लिए दर्ज की गई थी. 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था और बाद में एनआईए ने इरफान नासिर, अहमद अब्दुल कादर, मो. तौकीर महमूद, जुहाब हमीद शकील मन्ना और मो. शिहाब को आरोपी बनाते हुए चार्जशीट दाखिल की थी.
ईडी ने बताया कि चार्जशीट से पता चला कि सभी आरोपी प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन आईएसआईएस, आईएसआईएल से जुड़े थे. ईडी के अनुसार, Bengaluru के आसानी से प्रभावित होने वाले मुस्लिम युवाओं को आईएसआईएस में शामिल होने के लिए कट्टरपंथी बनाने और प्रेरित करने की आपराधिक साजिश रची गई थी. पता चला है कि उन्होंने ‘इकरा कैंप’ नाम की मुस्लिम “पर्सनैलिटी डेवलपमेंट” वर्कशॉप और उससे निकले “कुरान सर्कल” नाम के साप्ताहिक स्टडी सर्कल के जरिए युवाओं की पहचान की, उन्हें कट्टरपंथी बनाया और भर्ती किया.
ईडी के मुताबिक, इसके लिए फंड जुटाया और उसका इस्तेमाल किया और भर्ती किए गए लोगों को आईएसआईएस में शामिल होने और सीरिया Government के खिलाफ लड़ने के लिए तुर्की के रास्ते सीरिया की अवैध यात्रा में मदद की गई. इन कामों का जिक्र चार्जशीट में “सीरिया के खिलाफ युद्ध छेड़ने” के तौर पर किया गया है.
ईडी के अनुसार, यह भी आरोप है कि समूह ने एंटी-सीएए/एनआरसी विरोध प्रदर्शनों से जुड़ी भावनाओं का फायदा उठाकर मुसलमानों को गैर-मुसलमानों के खिलाफ भड़काने और सुरक्षित सोशल-मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए आईएसआईएस की विचारधारा फैलाने की कोशिश की गई. आरोपियों ने मुस्लिम युवाओं की आईएसआईएस के लिए लड़ने की अवैध यात्रा में मदद करने के लिए लोगों, ट्रस्ट और अपनी बचत से फंड जुटाया गया. इसको लेकर आगे की जांच चल रही है.
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एसडी/पीएम
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