मध्य प्रदेश: आईएमसी फर्जी बिल घोटाले में ईडी ने आवासीय संपत्तियों, दुकानों और खेतों को किया जब्त

इंदौर, 25 जुलाई . Enforcement Directorate (ईडी) के इंदौर उप-क्षेत्रीय कार्यालय ने इंदौर नगर निगम फर्जी बिल घोटाले की चल रही धन शोधन जांच के संबंध में 3.48 करोड़ रुपए मूल्य की 9 अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया है. जब्त की गई संपत्तियों में Madhya Pradesh के इंदौर और धार जिलों में स्थित आवासीय मकान/फ्लैट, आवासीय भूखंड, व्यावसायिक दुकानें और कृषि भूमि शामिल हैं. ये संपत्तियां आरोपी व्यक्तियों, लाभार्थियों और उनके परिवार के सदस्यों/सह-मालिकों के नाम पर हैं.

इंदौर नगर निगम (आईएमसी) के खजाने से फर्जी बिल, जाली वर्क ऑर्डर, मनगढ़ंत माप पुस्तिकाएं और अन्य फर्जी रिकॉर्ड जमा करके सार्वजनिक धन की धोखाधड़ी से निकासी के संबंध में इंदौर के एमजी रोड Police स्टेशन द्वारा दर्ज की गई कई First Information Report के आधार पर ईडी ने जांच शुरू की. ये धोखाधड़ी उन कार्यों से संबंधित थी जो या तो निष्पादित नहीं किए गए थे या वास्तविक वर्क ऑर्डर के तहत पहले ही पूरे हो चुके थे.

ईडी की जांच में पता चला कि विभिन्न ठेकेदार कंपनियों ने आईएमसी के अधिकारियों और स्थानीय निधि लेखापरीक्षा/निवासी लेखापरीक्षा विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से जाली कार्य-आदेश फाइलें और फर्जी बिल तैयार किए और उन पर कार्रवाई की, जिसके परिणामस्वरूप आईएमसी के खजाने से 103.62 करोड़ रुपए की सार्वजनिक धनराशि का गबन किया गया. धोखाधड़ी से प्राप्त धनराशि को बाद में नकद में निकाला गया, ठेकेदारों, सरकारी कर्मचारियों और अन्य लाभार्थियों में वितरित किया गया, संबंधित संस्थाओं को हस्तांतरित किया गया, अन्य निधियों के साथ मिलाया गया और संपत्ति अधिग्रहण और व्यक्तिगत व्यय के लिए उपयोग किया गया.

इससे पहले, ईडी ने 3 जुलाई, 2025 को अंतरिम कुर्की आदेश जारी कर इस मामले में लगभग 33.65 करोड़ रुपए मूल्य की 43 अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया था. वर्तमान कुर्की के साथ, इस मामले में अस्थाई रूप से कुर्क की गई अचल संपत्तियों का कुल मूल्य लगभग 37.14 करोड़ रुपए हो गया है.

ईडी ने पीएमएलए, 2002 की धारा 17 के तहत आरोपियों और उनसे संबंधित संस्थाओं से जुड़े विभिन्न परिसरों पर तलाशी अभियान भी चलाया था, जिसके परिणामस्वरूप लगभग 22.04 करोड़ रुपए की नकदी, कीमती सामान और अन्य संपत्तियां जब्त/फ्रीज की गईं. इस प्रकार, इस मामले में कुल कुर्की और जब्ती वर्तमान में 59.18 करोड़ रुपए है.

ईडी ने पीएमएलए, 2002 की धारा 19 के तहत 1 जून, 2026 को तीन प्रमुख आरोपियों अभय सिंह राठौर, मोहम्मद जाकिर और राहुल बदेरा को भी गिरफ्तार किया था. ये तीनों व्यक्ति अभी भी न्यायिक हिरासत में हैं. आगे की जांच जारी है.

एमएस/