
New Delhi, 2 जुलाई . Enforcement Directorate (ईडी) ने पूर्ववर्ती भूषण स्टील लिमिटेड (बीएसएल) के प्रमोटर नीरज सिंघल की पत्नी रितु सिंघल की लगभग 58.34 करोड़ रुपए की चल और अचल संपत्ति जब्त कर ली है.
ईडी ने एक बयान में कहा कि दिल्ली क्षेत्रीय कार्यालय के Enforcement Directorate (ईडी) ने इन संपत्तियों को मनी लॉन्ड्रिंग के सिलसिले में जब्त किया है. यह संपत्तियां पूर्ववर्ती बीएसएल से वैध लेनदेन की आड़ में धन के हेरफेर से जुड़ी हैं, जिससे वित्तीय संस्थानों को 11,446.73 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है.
बयान में कहा गया है कि इन संपत्तियों को मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत 24 जून, 2026 को जब्त किया गया था.
ईडी ने बताया कि जब्त की गई संपत्तियों में Madhya Pradesh के इंदौर में स्थित भूमि और आवासीय संपत्ति के एक हिस्से के रूप में अचल संपत्तियां और रितु सिंघल के नाम पर धारित इक्विटी शेयर और बैंक बैलेंस के रूप में चल संपत्तियां शामिल हैं.
ईडी ने गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफआईओ) द्वारा पूर्व भूषण स्टील लिमिटेड, नीरज सिंघल और अन्य के खिलाफ दायर आपराधिक शिकायत के आधार पर जांच शुरू की. उक्त शिकायत में पीएमएलए, 2002 के तहत अनुसूचित अपराधों का आरोप लगाया गया था.
ईडी की जांच में पता चला कि नीरज सिंघल और उनके सहयोगियों ने वैध लेनदेन की आड़ में पूर्व भूषण स्टील लिमिटेड से धनराशि का गबन किया, जिससे वित्तीय संस्थानों को 11,446.73 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ.
ईडी ने बताया कि जांच में यह भी पता चला कि हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड से खरीदी गई जस्ता सिल्लियां आरोपियों द्वारा खुले बाजार में अवैध रूप से बेच दी गईं.
इसके परिणामस्वरूप आरोपियों को नकद भुगतान प्राप्त हुए. ईडी ने बताया कि पूर्व बीएसएल से जस्ता सिल्लियों की अवैध बिक्री से प्राप्त इस नकदी का उपयोग विभिन्न पेनी स्टॉक कंपनियों से फर्जी दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ (एलटीसीजी) के लिए किया गया था.
ईडी ने आगे कहा कि पूर्व बीएसएल से जस्ता सिल्लियों की अवैध बिक्री के माध्यम से नकदी की हेराफेरी की पुष्टि संबंधित अवधि के दौरान बैंक खातों में जमा की गई भारी मात्रा में अघोषित नकदी से भी होती है.
इससे पहले, ईडी ने 8 नवंबर, 2021 को 61.38 करोड़ रुपए और 6 मार्च, 2024 को 367 करोड़ रुपए की संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त किया था.
ईडी ने बताया कि नीरज सिंघल, रितु सिंघल और अन्य आरोपियों के खिलाफ 8 अगस्त, 2023 को एक अभियोग शिकायत और 7 मार्च, 2024 को एक पूरक अभियोग शिकायत दर्ज की गई है, और पीएमएलए कोर्ट ने इनका संज्ञान लिया है.
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एमएस/
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