ईडी ने पीएमएलए के तहत 10 ठिकानों पर तलाशी, संतोष ओवरसीज से जुड़े प्रमोटर्स पर कार्रवाई

Lucknow, 25 जुलाई . Enforcement Directorate (ईडी) के Lucknow क्षेत्रीय कार्यालय ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 की धारा 17 के तहत दिल्ली, उत्तर प्रदेश और पंजाब में स्थित दस परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया है. इनमें वे परिसर भी शामिल हैं जो मेसर्स संतोष ओवरसीज लिमिटेड (एसओएल), उसके प्रवर्तकों, निदेशकों और संबद्ध संस्थाओं के खिलाफ चल रही जांच के सिलसिले में प्रवर्तकों, संबद्ध कंपनियों और मध्यस्थों से जुड़े हैं.

ईडी ने सीबीआई द्वारा बैंकों के एक संघ की ओर से आईडीबीआई बैंक की शिकायत पर दर्ज First Information Report के आधार पर जांच शुरू की. यह जांच एसओएल द्वारा लिए गए बैंक ऋणों के धोखाधड़ीपूर्ण दुरुपयोग और गबन से संबंधित है, जिसके परिणामस्वरूप संघ के बैंकों को लगभग 450 करोड़ रुपए का अनुचित नुकसान हुआ है.

जांच से पता चला है कि एसओएल के प्रमोटरों ने फर्जी खरीद-बिक्री लेनदेन, जाली चालानों और बिना किसी वास्तविक व्यावसायिक गतिविधि के धन के चक्रीय प्रवाह का उपयोग करके, फर्जी संस्थाओं, फर्जी लेनदेन संचालकों और संबंधित कंपनियों के नेटवर्क के माध्यम से अपराध की आय को डायवर्ट और मनी लॉन्ड्रिंग किया. जांच में यह भी पता चला है कि धन के प्रवाह को नियंत्रित करने और फर्जी लेनदेन करने के लिए जाली या दुरुपयोग किए गए पहचान दस्तावेजों का उपयोग करके कई फर्जी संस्थाएं बनाई गईं. जांच में यह भी पता चला है कि प्रमोटरों और उनके परिवार के सदस्यों द्वारा नियंत्रित कई संस्थाओं के माध्यम से धन का चक्रीय प्रवाह किया गया, जो अपराध की आय के स्तरीकरण और एकीकरण को दर्शाता है.

अपराध से प्राप्त धन की हेराफेरी से जुड़े प्रमोटरों, उनके परिवार के सदस्यों, संबद्ध संस्थाओं, होटल संचालकों और वैधानिक लेखा परीक्षकों के परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया गया. तलाशी अभियान के दौरान 10.5 लाख रुपए नकद जब्त किए गए. इसके अलावा, परिवार के सदस्यों और उनकी संस्थाओं के नाम पर लगभग 75 करोड़ रुपए की संपत्ति से संबंधित दस्तावेज बरामद किए गए. साथ ही, धन के गबन, हेराफेरी और हेराफेरी से संबंधित विभिन्न आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और वित्तीय रिकॉर्ड भी बरामद कर जब्त किए गए. आगे की जांच जारी है.

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