शराब घोटाले के मामले में ईडी ने छत्तीसगढ़ कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल को किया गिरफ्तार

New Delhi, 12 अगस्त . Enforcement Directorate (ईडी) के रायपुर जोनल ऑफिस ने छत्तीसगढ़ शराब घोटाले के सिलसिले में रामगोपाल अग्रवाल को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट, 2002 के तहत गिरफ्तार किया है.

रायपुर सेंट्रल जेल में विचाराधीन कैदी के तौर पर बंद रामगोपाल अग्रवाल को 11 अगस्त को पीएमएलए की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया गया और रायपुर की स्पेशल पीएमएलए कोर्ट में पेश किया गया. कोर्ट ने उन्हें सात दिन यानी 18 अगस्त तक ईडी की कस्टडी में भेज दिया.

ईडी ने रायपुर में इकोनॉमिक ऑफेंस विंग/एंटी-करप्शन ब्यूरो द्वारा दर्ज First Information Report और उसके बाद रायपुर की स्पेशल कोर्ट में दाखिल चार्जशीट के आधार पर जांच शुरू की.

इस मामले में 2019 से 2023 के दौरान छत्तीसगढ़ के आबकारी प्रशासन में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, जालसाजी और भ्रष्टाचार का आरोप है.

ईडी के अनुसार, अनिल टुटेजा (रिटायर्ड आईएएस) अनवर ढेबर और अरुण पति त्रिपाठी (आईटीएस) के एक सिंडिकेट ने राज्य के शराब कारोबार में बड़े पैमाने पर घोटाला किया.

एजेंसी का कहना है कि सिंडिकेट ने हिसाब-किताब वाली शराब की बिक्री पर अवैध कमीशन, बिना हिसाब-किताब वाली देसी शराब की बिक्री, डिस्टिलर्स से वसूले गए सालाना कमीशन और एफएल-10ए लाइसेंस देने के बदले विदेशी शराब कंपनियों से वसूले गए.कमीशन के जरिए लगभग 3,000 करोड़ रुपए की अवैध कमाई की.

जांच में यह भी पता चला कि नकद में हुई इस अवैध कमाई का एक बड़ा हिस्सा रामगोपाल अग्रवाल को छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के तत्कालीन कोषाध्यक्ष के तौर पर सौंपा गया था.

कैश को संभालने और इधर-उधर करने वाले लोगों के पीएमएलए की धारा 50 के तहत दर्ज बयानों से पता चला कि पैसा अग्रवाल के कहने पर सिंडिकेट के लोगों के जरिए रायपुर के राजीव भवन में पहुंचाया गया था, जो उस समय छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी का कार्यालय था.

अग्रवाल पीएमएलए की धारा 50 के तहत जारी चार समन के जवाब में पेश नहीं हुए. बाद में अपने बयान में उन्होंने टालमटोल वाले जवाब दिए.

ईडी ने कहा कि मामले में आगे की जांच चल रही है.

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