
New Delhi, 17 जुलाई . India निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने Wednesday को राजधानी दिल्ली में प्रथम अखिल भारतीय मीडिया सम्मेलन 2026 का आयोजन किया. सम्मेलन में देश भर के राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के 380 से अधिक मीडियाकर्मी ‘हितधारकों को जोड़ना, लोकतंत्र को मजबूत करना: चुनावों में मीडिया की भूमिका’ विषय पर एकत्रित हुए.
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि India में चुनाव India के संविधान, चुनावी कानूनों और समय-समय पर जारी India निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार आयोजित किए जाते हैं. उन्होंने आगे कहा कि संपूर्ण चुनावी प्रक्रिया की समवर्ती रूप से India में चुनावी प्रक्रियाओं में शामिल हितधारकों द्वारा ऑडिट की जाती है.
मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि लगभग 95 करोड़ भारतीयों वाली India की मतदाता सूची एक जीवंत दस्तावेज है जो समय के साथ गतिशील रूप से विकसित हो रही है. मतदाता सूची तैयार करने में निहित वैधानिक सुरक्षा उपायों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि 12 लाख से अधिक बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) और 15 लाख से अधिक बूथ स्तरीय एजेंट (बीएलए) ‘समवर्ती लेखा परीक्षकों’ के रूप में इस प्रक्रिया में सक्रिय रूप से शामिल हैं.
ज्ञानेश कुमार ने आगे कहा कि हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में अब तक की सबसे अधिक मतदान भागीदारी भारतीय मतदाताओं के देश की चुनावी प्रणाली में विश्वास और भारतीय लोकतंत्र की जीवंतता का प्रमाण है. उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया में भाग लेने के लिए India के सभी मतदाताओं के प्रति आभार भी व्यक्त किया.
इस सम्मेलन का उद्देश्य चुनावी प्रक्रियाओं के विभिन्न पहलुओं और India में चुनावों के संचालन में Political दलों और उम्मीदवारों के प्रमुख हितधारकों की भागीदारी के साथ अधिकतम पारदर्शिता सुनिश्चित करने के तरीकों की जानकारीपूर्ण समझ को बढ़ावा देना है. सम्मेलन का शुभारंभ संविधान, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 और 1951 तथा चुनाव आयोग द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों में निहित पारदर्शिता उपायों, ईसीआईएनईटी प्लेटफॉर्म, चुनावों में प्रौद्योगिकी की भूमिका, महत्वपूर्ण संवैधानिक प्रावधानों और चुनावों के दौरान मीडिया से संबंधित कानूनों के व्यापक अवलोकन के साथ हुआ.
प्रतिभागियों को बूथ स्तरीय एजेंट (बीएलए), मतदान एजेंट और मतगणना एजेंट की भूमिकाओं और जिम्मेदारियों के बारे में जानकारी दी गई, जिसमें India में चुनावों के समवर्ती लेखा परीक्षकों के रूप में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, Political दलों की भागीदारी को सुगम बनाने और चुनाव प्रक्रिया को मजबूत करने में उनकी भूमिका पर प्रकाश डाला गया. कार्यक्रम के भाग के रूप में, प्रतिभागियों को समूहों में मतदाता सूची तैयार करने, मतदान प्रक्रिया और मतगणना प्रक्रिया का प्रदर्शन भी दिखाया गया.
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एमएस/
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