
गोरखपुर, 5 मई . उत्तर प्रदेश के Chief Minister योगी आदित्यनाथ ने कहा कि तेजी से आगे बढ़ते देश, प्रदेश के साथ ही गोरखपुर भी तीव्र प्रगति कर रहा है. 2017 के बाद गोरखपुर में विकास की विस्तृत श्रृंखला तैयार हुई है. विकास से बढ़ी सुविधाओं का लाभ लंबे समय तक प्राप्त होता रहे, इसके लिए नागरिकों को भी विकास कार्यों के संरक्षण की जिम्मेदारी उठानी होगी. सीएम योगी Tuesday दोपहर तारामंडल क्षेत्र में वाटर बॉडी पर बने टू-लेन ब्रिज के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे.
सीएम योगी ने फीता काटकर तथा शिलापट्ट का अनावरण कर 14.33 करोड़ रुपए की लागत से बने इस पुल को जनता को समर्पित किया. ब्रिज का निरीक्षण करने के बाद मंचीय कार्यक्रम में Chief Minister ने गोरखपुर में विकास से आए बदलाव की चर्चा करते हुए कहा कि 2017 के पहले गोरखपुर की छवि असुरक्षा से जुड़ी थी. लोग माफिया व मच्छर से परेशान थे. गोरखपुर का नाम सुनकर डरते थे. कोई निवेश करने नहीं आता था. यहां नौजवान पहचान का मोहताज था, नौकरी के लिए भटकना पड़ता था, पहचान छिपानीपड़ती थी. पर, अब उसे भटकने या पहचान छिपाने की जरूरत नहीं है. वर्तमान में 50 हजार से अधिक नौजवानों को अकेले गीडा में उद्योगों के माध्यम से नौकरी और रोजगार प्राप्त हुआ है.
उन्होंने कहा कि आज जो भी गोरखपुर आता है, यहां के बदलाव को देखकर अचंभित और प्रफुल्लित होता है. गोरखपुर में चारों ओर फोर-लेन व सिक्स-लेन कनेक्टिविटी है. यहां एम्स बन गया है. खाद कारखाना और पिपराइच में चीनी मिल फिर चल पड़ी है. उत्कृष्ट शिक्षण संस्थान, आयुष विश्वविद्यालय, चिड़ियाघर, बेहतरीन पर्यटन स्थल रामगढ़ताल, कई होटल्स सहित अनेक सुविधाओं का विस्तार हुआ है. गोरखपुर का विकास सामुदायिकता के भाव से किए गए कार्य का परिणाम है. यह हम सबकी जिम्मेदारी है कि कोई भी विकास कार्यों और सुविधाओं का नुकसान न करने पाए.
सीएम योगी ने कहा कि करीब 20 वर्ष पूर्व लोग तारामंडल क्षेत्र में रहने का साहस नहीं कर पाते थे. 1998 की बाढ़ के बाद यहां से लोग भाग रहे थे. यहां एकतरफ रामगढ़ताल की गंदगी थी तो दूसरी तरफ बुनियादी सुविधाओं का अभाव. पर, आज विकास के चलते सबसे महंगी जमीन इस क्षेत्र की है. वाटर बॉडी पर टू-लेन ब्रिज बनने से इस समूचे क्षेत्र में इंटरनल कनेक्टिविटी मजबूत हो जाएगी. समृद्धि के प्रतीक के रूप में इस क्षेत्र को सबसे पॉश कॉलोनी माना जा रहा है. इस क्षेत्र में रामगढ़ताल पर्यटन का शानदार केंद्र बना है, चिड़ियाघर इसी क्षेत्र में है. यहां कन्वेंशन सेंटर बन रहा है, तारामंडल का पुनरोद्धार हो रहा है, साइंस पार्क बनाया जा रहा है. साथ ही वाटर बॉडी का भी व्यवस्थित रूप से सौंदर्यीकरण कराया जा रहा है.
उन्होंने जीडीए के अफसरों से कहा कि वे वाटर बॉडी को रामगढ़ताल के समकक्ष जोड़ने का प्रयास करें. इस वाटर बॉडी में पानी बहता हुआ दिखाई देना चाहिए, जहां लोग नौकायन का भी आनंद उठा सकें. वाटर बॉडी के किनारे लोग परिवार सहित आ सकें, बच्चे खेल सकें. उन्होंने स्वच्छता और सुंदरता को लेकर मोहल्ला स्तर पर स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का आह्वान किया.
कार्यक्रम में सांसद रविकिशन शुक्ल ने कहा कि सीएम योगी के मार्गदर्शन और नेतृत्व में गोरखपुर नजीर पेश कर रहा है. Chief Minister ने गोरखपुर को विकसित, स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए करोड़ों रुपए की परियोजनाएं दी हैं. उन्होंने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा की शानदार जीत के लिए Chief Minister योगी को बधाई दी. स्वागत संबोधन गोरखपुर ग्रामीण के विधायक विपिन सिंह ने किया.
तारामंडल क्षेत्र में वाटर बॉडी पर बने ब्रिज का लोकार्पण करने के बाद Chief Minister योगी आदित्यनाथ जब इस ब्रिज का निरीक्षण कर रहे थे, तभी उनकी नजर किनारे खड़े मजदूरों पर पड़ गई. सीएम ने उन्हें अपने पास बुलाया और श्रम शक्ति का सम्मान करते हुए उनके साथ फोटो खिंचवाई. सीएम का सानिध्य पाकर श्रमिक बेहद प्रफुल्लित नजर आए.
ब्रिज के लोकार्पण कार्यक्रम में Chief Minister ने बच्चों से भी मुलाकात की और उन पर प्यार-दुलार लुटाया. तारामंडल क्षेत्र के वसुंधरा एंक्लेव द्वितीय व तृतीय के मध्य स्थित वाटर बॉडी के ऊपर टू-लेन ब्रिज बन जाने से दो हिस्सों में बंटा तारामंडल क्षेत्र आपस में जुड़ गया है. गोरखपुर विकास प्राधिकरण ने 112 मीटर लंबे इस ब्रिज पर दोनों तरफ 1.5 मीटर चौड़ा फुटपाथ भी बनाया है. इस पुल के बनने से पहले तक अमरावती निकुंज, वसुंधरा फेज 1, 2 व 3, सिद्धार्थ एन्क्लेव, सिद्धार्थ एन्क्लेव विस्तार, सिद्धार्थपुरम, सिद्धार्थपुरम विस्तार, सिद्धार्थ विहार, गौतम विहार, बुद्ध विहार, बुद्ध विहार कमर्शियल, बुद्ध विहार पार्ट ए, बी और सी, लेक व्यू, वैशाली, विवेकपुरम, जैमिनी गार्डेनिया तथा आसपास के विस्तृत आवासीय क्षेत्रों के निवासियों को नौका विहार होते हुए दिग्विजयनाथ पार्क, सर्किट हाउस होकर कॉरपोरेट पार्क के सामने से पैडलेगंज और अन्य प्रमुख स्थलों तक पहुंचने के लिए अपेक्षाकृत अधिक लंबा मार्ग तय करना पड़ता था.
अब इस टू-लेन ब्रिज के जरिये उनका मार्ग छोटा हो गया है. इस ब्रिज के क्रियाशील हो जाने से नया सवेरा पर अक्सर लगने वाले जाम से भी निजात मिलेगी.
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विकेटी/डीकेपी
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