ई20 ईंधन मिश्रण भारत की सबसे बड़ी नीतिगत सफलताओं में से एक: अमित मालवीय

New Delhi, 18 जुलाई . भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने Saturday को केंद्र Government के एथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम (ई20) को India की सबसे महत्वपूर्ण सार्वजनिक नीतिगत सफलताओं में से एक बताया. उन्होंने कहा कि इस पहल से किसानों की आय बढ़ी है, देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत हुई है और कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम हुई है.

अमित मालवीय ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि इतने बड़े स्तर की सार्वजनिक नीति का मूल्यांकन Political आरोप-प्रत्यारोप के बजाय तथ्यों और उसके वास्तविक परिणामों के आधार पर किया जाना चाहिए.

उन्होंने कहा कि 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण (ई20) का लक्ष्य हासिल करना India की सबसे महत्वपूर्ण नीतिगत उपलब्धियों में से एक है. उनके मुताबिक, इस कार्यक्रम ने एक साथ किसानों के कल्याण, ग्रामीण विकास, सहकारी संस्थाओं को मजबूती, ऊर्जा सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण जैसे कई क्षेत्रों में सकारात्मक प्रभाव डाला है.

सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए मालवीय ने कहा कि एथेनॉल सप्लाई वर्ष (ईएसवाई) 2014-15 से अब तक इस कार्यक्रम के जरिए किसानों को लगभग 1.66 लाख करोड़ रुपये की आय प्राप्त हुई है. वहीं, कच्चे तेल के आयात में कमी आने से देश ने 1.98 लाख करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा की बचत की है.

उन्होंने दावा किया कि इस पहल के कारण 317 लाख मीट्रिक टन आयातित कच्चे तेल का विकल्प तैयार हुआ है, जबकि 952 लाख मीट्रिक टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में भी कमी आई है.

अमित मालवीय ने कहा कि एथेनॉल अर्थव्यवस्था ने चीनी मिलों के लिए आय का एक अतिरिक्त स्रोत उपलब्ध कराया है, जिससे उनकी नकदी स्थिति बेहतर हुई है और गन्ना किसानों को भुगतान तेजी से किया जा रहा है.

उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में वर्ष 2024-25 के गन्ना सत्र के 99.5 प्रतिशत बकाये का भुगतान पहले ही किया जा चुका है, जो पिछले वर्षों की तुलना में बड़ा सुधार है.

उन्होंने यह भी कहा कि एथेनॉल उत्पादन से मक्का उत्पादक किसानों के लिए अतिरिक्त बाजार तैयार हुआ है, जिससे उनकी उपज की मांग और बेहतर कीमत सुनिश्चित हुई है. साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि एथेनॉल उत्पादन के लिए केवल भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के अतिरिक्त चावल का ही उपयोग किया जा रहा है और खाद्य सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया गया है.

ई20 ईंधन के वाहनों पर प्रभाव को लेकर उठ रही चिंताओं को खारिज करते हुए मालवीय ने कहा कि India में पिछले दो दशकों से एथेनॉल मिश्रित ईंधन का उपयोग किया जा रहा है और अब तक वाहनों की सर्विसिंग के दौरान ई20 ईंधन के कारण इंजन में असामान्य घिसावट या जंग लगने का कोई प्रमाण सामने नहीं आया है.

उन्होंने कहा कि एथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम ने देश के ईंधन तंत्र को किसानों से जोड़ने का काम किया है. इससे आयातित तेल पर निर्भरता घटी है, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है, सहकारी चीनी मिलों की वित्तीय स्थिति में सुधार हुआ है और स्वच्छ पर्यावरण की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान मिला है.

डीएससी