महंगाई के कारण ड्राइवरों का घर चालाना मुश्किल, किराया में संशोधन करे सरकार: अनुज राठौर

New Delhi, 21 मई . दिल्ली-एनसीआर में ऑटो, टैक्सी, ट्रांसपोर्ट वाहनों और ऐप-आधारित कैब ड्राइवरों ने ईंधन की बढ़ती कीमतों, पुराने किराया ढांचे और आर्थिक नुकसान का हवाला देते हुए 21, 22 और 23 तारीख को तीन दिवसीय हड़ताल का ऐलान किया है. इस हड़ताल के दौरान ड्राइवरों से अपने वाहन सड़कों पर नहीं उतारने की अपील की गई है.

चालक शक्ति यूनियन के उपाध्यक्ष अनुज कुमार राठौर ने कहा कि लगातार बढ़ रही सीएनजी, पेट्रोल और डीजल की कीमतों ने ड्राइवरों की रोजी-रोटी पर गंभीर असर डाला है. दिल्ली Government ने करीब 15 साल पहले दिल्ली-एनसीआर के लिए टैक्सी पॉलिसी बनाई थी, जिसमें लगभग 70 हजार गाड़ियों का पंजीकरण हुआ था. उसी समय टैक्सी किराया 12.50 रुपए प्रति किलोमीटर तय किया गया था, लेकिन इतने वर्षों बाद भी किराया संशोधित नहीं किया गया.

उन्होंने बताया कि किराया बढ़ाने की मांग को लेकर यूनियन ने कई बार Government से बातचीत की कोशिश की और मामला हाईकोर्ट तक पहुंचाया. अदालत से किराया संशोधित करने के आदेश भी मिले थे. इसके बाद ट्रांसपोर्ट विभाग ने बातचीत कर जल्द किराया बढ़ाने का आश्वासन दिया था. यूनियन का दावा है कि अवमानना याचिका दायर किए जाने के बाद अदालत ने दोबारा किराया बढ़ाने को लेकर निर्देश दिए.

उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग के डिप्टी कमिश्नर ने यूनियन को बताया था कि किराया बढ़ाकर 20 से 25 रुपए प्रति किलोमीटर करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है और फाइल उपGovernor के पास भेजी गई है. मंजूरी मिलने के बाद नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा. साथ ही ओला-उबर जैसी ऐप-आधारित कैब सेवाओं के किराये को भी नियंत्रित करने की बात कही गई है. यूनियन का कहना है कि मौजूदा महंगाई में ड्राइवर और ग्राहक दोनों परेशान हैं. इसी वजह से हड़ताल का फैसला लिया गया है.

राठौर ने ड्राइवरों से अपील की कि वे किसी के बहकावे में न आएं और तीन दिनों तक हड़ताल में शामिल रहें. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ संगठन Government के दबाव में काम कर रहे हैं और ड्राइवरों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहे. उन्होंने आगे कहा कि यदि Government बातचीत के लिए बुलाती है और उनकी मांगों पर सकारात्मक आश्वासन देती है, तो आगे के फैसले पर विचार किया जाएगा. फिलहाल Government की ओर से बातचीत के लिए कोई औपचारिक संपर्क नहीं किया गया है.