हिमाचल में भारी बारिश से जनजीवन बेहाल, 9 जिलों में स्कूल बंद, कांगड़ा और चंबा में भारी तबाही

शिमला, 25 अगस्त (Indias News). Himachal Pradesh में लगातार भारी बारिश ने जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है. राज्य की नदियां और नाले उफान पर हैं, वहीं जगह-जगह भूस्खलन के कारण कई सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं. प्रदेश के कई हिस्सों में लोगों की सुरक्षा के मद्देनजर आज कांगड़ा, चंबा, ऊना, मंडी, कुल्लू, सोलन, बिलासपुर, हमीरपुर सहित लाहौल-स्पीति के लाहौल और उदयपुर उपमंडलों में सभी शिक्षण संस्थानों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया गया है. मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए भारी वर्षा का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने, भूस्खलन संभावित इलाकों से दूर रहने और नदियों-नालों के किनारे न जाने की हिदायत दी है.

कांगड़ा जिला सबसे अधिक प्रभावित है. लगातार बारिश के चलते इंदौरा क्षेत्र में बाजार और सरकारी दफ्तर जलमग्न हो गए हैं. नूरपुर और फतेहपुर सहित कई इलाकों में खड्ड और नाले उफान पर हैं. जसूर की सब्ज़ी मंडी पानी में डूबने से दुकानदारों और लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. कई दुकानों और घरों में पानी घुसने से काफी नुकसान हुआ है. नूरपुर क्षेत्र में भूस्खलन और ल्हासे गिरने से सड़कों का आवागमन बाधित हुआ है. सुलयाली-दुनेरा मार्ग भारी भूस्खलन के बाद बंद हो गया था, जिसे मशीनरी द्वारा काफी मशक्कत के बाद बहाल किया गया. नूरपुर कोर्ट रोड भी भूस्खलन के कारण बंद पड़ा है, जिससे बिजली के खंभों को भी खतरा उत्पन्न हो गया है. जिले में फोरलेन निर्माण के दौरान पानी निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण कई सड़कें पानी से भर गई हैं. नाले और खड्ड पुलों को छूकर बह रहे हैं, जिससे हालात बेहद खतरनाक बने हुए हैं. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे घरों में सुरक्षित रहें और अनावश्यक जोखिम न उठाएं.

चंबा जिला भी बारिश की तबाही से जूझ रहा है. बीते कल से लगातार बारिश के चलते जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है. पठानकोट-भरमौर नेशनल हाईवे समेत जिला की करीब 82 मुख्य सड़कें यातायात के लिए बंद हो गई हैं. लगभग 410 बिजली ट्रांसफार्मर ठप हो गए हैं और 40 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. डलहौजी तहसील के करेनलु नाले में बादल फटने से तीन वाहन बह गए और एक सामुदायिक भवन क्षतिग्रस्त हो गया. खराब मौसम के कारण जिला प्रशासन ने पवित्र मणिमहेश यात्रा को अस्थाई रूप से रोक दिया है. भरमौर के एडीएम कुलबीर राणा ने श्रद्धालुओं से सुरक्षित स्थानों पर रहने और जोखिम न उठाने की अपील की है.

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, इस मॉनसून सीजन में वर्षा से जुड़ी घटनाओं में अब तक 303 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 37 लोग अभी भी लापता हैं. सबसे अधिक 51 मौतें मंडी जिले में हुई हैं. प्रदेश के कई क्षेत्रों में बारिश का कहर लगातार जारी है और प्रशासन राहत व बचाव कार्यों में जुटा हुआ है.