जयकारों से गूंजी द्रोणनगरी, झण्डे जी का हुआ आरोहण

देहरादून (Dehradun)  झंडे मेला.
देहरादून (Dehradun)  झंडे मेला.
देहरादून (Dehradun)  झंडे मेला.
देहरादून (Dehradun)  झंडे मेला.
देहरादून (Dehradun)  झंडे मेला.
देहरादून (Dehradun)  झंडे मेला.
देहरादून (Dehradun)  झंडे मेला.
देहरादून (Dehradun)  झंडे मेला.
देहरादून (Dehradun)  झंडे मेला.

देहरादून (Dehradun) , 12 मार्च . गुरु राम राय जी महाराज के जयकारों के बीच रविवार (Sunday) शाम को 4 बजकर 12 मिनट पर झण्डे जी का आरोहण किया गया. आस्था के महाकुंभ का साक्षी बनने के लिए दरबार साहिब में रविवार (Sunday) को श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा. लाखों संगतों व दूनवासी झण्डे जी के सम्मुख श्रद्धा के साथ शीश नवाये व हाथ जोड़े खड़े रहे. हर कोई झण्डा साहिब के समक्ष मत्था टेकने और गुरु राम राय जी महाराज के दर्शन को बेताब रहा.

दरबार साहिब परिसर व आसपास के क्षेत्रों में तिल रखने भर की भी जगह नहीं थी. जैसे-जैसे झण्डे जी पर गिलाफ के आवरण चढ़ाने का क्रम बढ़ता जाता, संगतों व दूनवासियों का उत्साह भी पराकाष्ठा तक पहुंचता जाता. दर्शनी गिलाफ के चढ़ते ही व झण्डे जी के आरोहण की प्रक्रिया प्रारम्भ होते ही गुरु राम राय महाराज जी के जयकारों की ध्वनि तेज हो उठी.

शाम 3ः58 बजे जैसे ही दरबार साहिब देहरादून (Dehradun) के सज्जादानशीन श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने आरोहण की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया, वैसे ही पूरी द्रोणनगरी गुरु राम राय जी महाराज के जयकारों से गूंज उठी. 4 बजकर 12 मिनट पर झण्डे जी का आरोहण पूर्ण हुआ. संगतों व दूनवासियों ने गुरु राम राय जी महाराज के जयकारे लगाए व ढोल की थाप पर जमकर नृत्य किया. इसी के साथ देहरादून (Dehradun) के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत झण्डे जी मेले का विधिवत शुभारंभ हो गया.

रविवार (Sunday) सुबह सूर्य की पहली किरण भी धरती पर नहीं पड़ी थी कि दरबार साहिब परिसर एवं आस-पास का क्षेत्र संगातों व दूनवासियों से खचाखच भर गया. झण्डे जी को उतारने के लिए संगतें झण्डे जी के नीचे एकत्र हो गईं. झण्डे जी को उतरते व फिर चढ़ते देखना अपने आप में अद्भुत एवं अद्वितीय नजारा है. इस पुण्य को अर्जित करने के लिए देश-विदेश से आई संगतें इस पावन बेला का साल भर बेसब्री से इंतजार करती हैं. सुबह 8ः00 बजे झण्डे जी को उतारा गया व पूजा अर्चना की गई. झण्डे जी (पवित्र ध्वज दण्ड) को संगतों ने सुबह दूध, घी, शहद, गंगाजल व पंचगब्यों से स्नान करवाया. 90 फीट ऊंचे झण्डे जी पर पहले सादे और शनील के गिलाफ चढ़ाने की प्रक्रिया शुरू हुई.

खास बात यह कि इस दौरान झण्डे जी को ज़मीन पर नहीं रखा जाता. संगतें अपने हाथों पर झण्डे जी को थामे रहती हैं. दोपहर करीब 12ः30 बजे झण्डे जी पर दर्शनी गिलाफ चढ़ाया गया. यह दृश्य देखते हुए संगतों व दूनवासियों के श्रद्धाभाव आंखों से छलक आए. हर कोई दर्शनी गिलाफ को छूकर पुण्य अर्जित करने के लिए उत्सुक दिखा. 2 बजकर 05 मिनट पर नए मखमली और सुनहरे गोटों से सुसज्जित गिलाफों (वस्त्रों) द्वारा झण्डे जी के आरोहण की प्रक्रिया आरंभ हुई. दरबार साहिब के सज्जादानशीन श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज के दिशा-निर्देशन में झण्डे जी के नीचे लगी लकड़ी की कैंचियों को थामे श्रद्धालुजन झण्डे जी को उठा रहे थे. शाम 4 बजकर 12 मिनट पर झण्डे जी का आरोहण हुआ. पूरा दरबार साहिब परिसर व निकटवर्ती समूचा क्षेत्र गुरु राम राय जी महाराज के जयकारों से गूंज उठा. इसी दौरान एक बाज ने झण्डे जी की भी परिक्रमा की. झण्डे जी के आरोहण के समय बाज की इस चमत्कारी उपस्थिति को गुरु राम राय जी महाराज की सूक्ष्म उपस्थिति के रूप में हर साल दर्ज किया जाता है. इसके साथ ही खुशियों में सराबोर संगतें व दूनवासी झूमने लगे.

देशवासियों पर सदैव बनी रहे गुरु राम राय जी महाराज की कृपा: देवेन्द्र दास महाराज

झण्डे जी के आरोहण के बाद दरबार साहिब के सज्जादानशीन श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने सभी देश व प्रदेशवासियों सहित संगतों को झण्डे जी मेले की हार्दिक शुभकामनाएं दीं. महाराज ने कहा कि झण्डा मेला प्रेम, सद्भावना, आपसी भाईचारा, सौहार्द, उल्लास व अमन-चैन का संदेश देने वाला मेला है. उन्होंने कहा कि झण्डे जी पर शीश नवाने से सभी की मन्नतें पूरी होती हैं, यही वजह है कि संगतों व दूनवासियों की झण्डे जी की प्रति आस्था बढ़ती जा रही है. उन्होंने अपने संदेश में कहा कि देशवासियों-प्रदेशवासियों व झण्डे जी मेले में शामिल होने आई संगतों व दूनवासियों पर गुरु राम राय जी महाराज की कृपा सदैव बनी रहे.

पुलिस (Police), प्रशासन व मीडिया (Media) कर्मियों का जताया आभार

श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज व झण्डा जी मेला आयोजन समिति ने मेले के सफल आयोजन में सहयोग के लिए पुलिस (Police) अधिकारियों, पुलिस (Police) स्टाफ व दून के प्रशासनिक अधिकारियों, समस्त मीडिया (Media) कर्मियों व दूनवासियों का आभार जताया. झण्डा जी मेला आयेाजन समिति के व्यवस्थापक के.सी.जुयाल ने समिति के सभी पदाधिकारियों व सदस्यों की ओर से धन्यवाद दिया.

एलईडी स्क्रीनों पर हुआ मेले का सजीव प्रसारण

झण्डे जी आरोहण का लाइव आकर्षण देखने के लिए दरबार साहिब मेला समिति के द्वारा इस बार एलईडी स्क्रीनों की व्यवस्था की गई थी. दरबार साहिब परिसर के अंदर स्क्रीन लगाई गई. इसके अलावा यूट्यूब व फेसबुक पेज पर भी मेले का सजीव प्रसारण प्रसारित हुआ. दरबार साहिब व झण्डे जी आरोहण के सामने का पूरा हिस्सा संगतों से पूरी तरह पैक रहा. संगतों ने एलईडी स्क्रीन पर झण्डे जी आरोहण का सीधा प्रसारण देखा.

विदेशी संगतें भी पहुंची दरबार साहिब

झण्डे जी पर शीश नवाने के लिए देश-विदेश से संगतें पहुंची हैं. पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा (Haryana) , राजस्थान, उत्तराखण्ड, हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh)सहित विदेशों से आई संगतें झण्डे जी आरोहण की साक्षी बनी. दरबार साहिब में श्रद्धालु भजन-कीर्तन के साथ ही गुरु महिमा का गुणगान करते रहे. श्रद्धालुओं ने ढोल की थाप पर जमकर नृत्य किया.

पवित्र सरोवर में लगाई डुबकी

श्रद्धालुओं ने दरबार साहिब स्थित पवित्र सरोवर में डुबकी लगाई. सुबह से ही श्रद्धालु यहां स्नान कर रहे थे. दोपहर बाद में सरोवर के चारों तरफ संगतों के जुटने से यहां का नजारा भी दर्शनीय लग रहा था. साथ ही बच्चों ने भी सरोवर के स्नान का आनन्द उठाया.

/राजेश